Paytm-PhonePe यूजर्स भी कर पाएंगे आरटीजीएस-एनईएफटी के जरिये फंड ट्रांसफर, जानें क्‍या हैं ये दोनों सुविधाएं

डिजिटल पेमेंट (सांकेतिक तस्वीर)

डिजिटल पेमेंट (सांकेतिक तस्वीर)

अब डिजिटल पेमेंट कंपनियां पेटीएम (Paytm), फोनपे (Phonepe) आदि भी आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर की सुविधा दे सकेंगी.

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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने वित्त वर्ष 2021-22 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी में अहम फैसला लिया है. आरबीआई ने पेमेंट कंपनियों को सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम्स- आरटीजीएस  (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) का हिस्सा बनने के लिए मंजूरी दे दी है. इसका मतलब यह हुआ कि अब डिजिटल पेमेंट कंपनियां पेटीएम (Paytm), फोनपे (Phonepe) आदि भी आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर की सुविधा दे सकेंगी. आरबीआई का कहना है कि इस सुविधा को बढ़ाने जाने से फाइनेंशियल सिस्टम में सेटलमेंट रिस्क को कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही देश में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी.

NEFT
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर यानी एनईएफटी एक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड है. इसमें एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसों का लेनदेन किया जाता है. इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही बैंक जाकर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. एनईएफटी के जरिए कुछ ही समय में फंड ट्रांसफर हो जाता है. यह सुविधा 24X7 चालू रहती है.

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RTGS


रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट यानी आरटीजीएस फंड ट्रांसफर करने का दूसरा इलेक्ट्रॉनिक तरीका है. यह एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने का सबसे फास्ट मोड है. लेकिन एक ही बैंक में एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में आरटीजीएस के जरिए फंड ट्रांसफर नहीं किया जा सकता. इसमें फंड ट्रांसफर की कम से कम सीमा दो लाख रुपये हैं. आरटीजीएस मोटी रकम ट्रांसफर करने वाला मोड है. यह सुविधा 24X7 चालू रहती है.

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RTGS और NEFT की सेवा पर आवश्यक जानकारी
इन दोनों पेमेंट मोड में कुछ जानकारी मांगी जाती है जो इस प्रकार है. इसमें ट्रांसफर की जाने वाली राशि, लाभार्थी ग्राहक का खाता नंबर, लाभार्थी बैंक और शाखा का नाम, लाभार्थी का नाम और लाभार्थी बैंक शाखा का आईएफएससी कोड आवश्यक होता है.
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