RBI ने बैंको को दिए नोटबंदी के समय के CCTV फुटेज संभालकर रखने के निर्देश, जानें आदेश की वजह

अभी भी चल रही है गैर कानूनी तरीके से जमा किए गए नोटों की जांच

अभी भी चल रही है गैर कानूनी तरीके से जमा किए गए नोटों की जांच

नोटबंदी के 4.5 साल से अधिक समय होने के बाद भी गैर-कानूनी तरीके से नए नोटों को अपने पास जमा करने के मामले की जांच अभी चल ही रही है. नोटबंदी में गैर-कानूनी तरीके से नए नोटों के संग्रम के मामले में जांच एजेंसियां अभी जांच पूरा नहीं कर पाई हैं.

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नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देश के सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे वर्ष 2016 में हुए नोटबंदी (Demonetization) के समय के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग (CCTV recordings) को अभी संभाल कर रखें. RBI ने कहा कि देश की जांच एजेंसियां नोटबंदी के समय के कई मामलों की जांच कर रही हैं और ये मामले देश की कई अदालतों में लंबित हैं. इसलिए बैंक सीसीटीवी वीडियो फुटेज को अभी संभाल कर रखें, ताकि जांच में सहयोग हो सके. RBI ने अपने आदेश में कहा कि सभी बैंक 8 नवंबर 2016 से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक के वीडियो फुटेज को अभी सुरक्षित रखें, क्योंकि जांच एजेंसियां गैर-कानूनी तरीके के नए नोटों के संग्रह करने की जांच कर रही हैं.


इस वजह से दिए निर्देश

RBI ने अगले आदेश तक CCTV रिकॉर्डिंग को संभाल कर रखने को कहा है. RBI के इस आदेश का मतलब है कि नोटबंदी के 4.5 साल से अधिक समय होने के बाद भी गैर-कानूनी तरीके से नए नोटों को अपने पास जमा करने के मामले की जांच अभी चल ही रही है. नोटबंदी में गैर-कानूनी तरीके से नए नोटों के संग्रम के मामले में जांच एजेंसियां अभी जांच पूरा नहीं कर पाई हैं. RBI के डेटा के मुताबिक, नोटबंदी के बाद 99% से अधिक 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस गए थे. 


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नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपये चलन में थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देशभर में हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट का चलन बंद किए जाने का ऐलान किया था, जिसके बाद लोग बैंकों में लंबी कतार में लगकर इन नोटों को वापस जमा कराया था. नोटबंदी के इस ऐलान के 21 महीने बाद आरबीआई ने जब इससे जुड़े आंकड़े जारी किए हैं, तो उसमें  बताया गया है कि 99.3 फीसदी पुराने नोट बैंकों में वापस गएआरबीआई ने बुधवार को आंकड़े जारी कर बताया है कि नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपये चलन में थे. इनमें से 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपये अब तक वापस चुके हैं 


इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस  चुके थे



आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक,नोटबंदी के समय मूल्य के हिसाब से 500 और 1,000 रुपये के 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे. रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस चुके हैं. सालाना आंकड़े में बताया गया है कि मार्च 2018 तक बैंक नोट के सर्कुलेशन में 37.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है.इसी तरह, बैंक नोट का वॉल्यूम 2.1 प्रतिशत बढ़ा है. इसी तरह मार्च 2017 तक 500 रुपये के नए नोट और 2000 रुपये के नोट की सर्कुलेशन हिस्सेदारी 72.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो मार्च 2018 तक बढ़कर 80.2 प्रतिशत हो गई.

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