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RBI का अनुमान, FY22 में रिटेल महंगाई दर रह सकती है 5.1 फीसदी

RBI का अनुमान, FY22 में रिटेल महंगाई दर रह सकती है 5.1 फीसदी

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी, दूसरी में 5.4 फीसदी, तीसरी में 4.7 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है.

    मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) की दर 5.1 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया. आरबीआई का मानना है मानसून की प्रगति और सरकार की ओर से आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप के चलते मुद्रास्फीति को इस स्तर पर रखने में मदद मिलेगी.

    यह आंकड़ा मौद्रिक नीति समिति (MPC) के मुद्रास्फीति को चार फीसदी (दो फीसदी ऊपर या नीचे) के दायरे में बनाए रखने के लक्ष्य के अनुरूप है. हालांकि, इसके साथ ही आरबीआई ने सतर्क करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर जिेंसों के ऊंचे दाम की वजह से मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर जाने का जोखिम है.

    रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 4 फीसदी पर ही रहेगा बरकरार
    चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मुख्य नीतिगत दर 'रेपो रेट' को चार फीसदी पर कायम रखने की घोषणा की. मौद्रिक समीक्षा में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर यदि गहराती है और इसकी वजह से देशभर में गतिविधियों पर अंकुश लगते हैं तो मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर जाने का जोखिम है.

    चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी रहने का अनुमान
    गवर्नर ने कहा कि अभी तक जो उपाय किए गए हैं और साथ ही महंगाई के ऊपर की ओर जाने के जोखिमों पर विचार के बाद चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.1 फीसदी पर रहने का अनुमान है. वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी, दूसरी में 5.4 फीसदी, तीसरी में 4.7 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है.

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    गवर्नर ने कहा कि ऐसे परिदृश्य में खाद्य वस्तुओं की कीमतों को आपूर्ति पक्ष की दिक्कतों से बचाने की जरूरत है. इसके लिए लगातार निगरानी और तैयारियों की जरूरत होगी. केंद्र के साथ राज्यों को इस बारे में समयबद्ध उपाय करने होंगे.

    अप्रैल माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 4.3 फीसदी रही
    अप्रैल माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 4.3 फीसदी रही है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि सामान्य दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ संतोषजनक बफर स्टॉक से अनाज कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी. हालांकि, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने तथा व्यापक रूप से जिसों के दाम बढ़ने और लॉजिस्टिक्स की लागत में बढ़ोतरी से चिंता की स्थिति बन सकती है.undefined

    Tags: RBI, Reserve bank of india, Shaktikanta Das

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