RBI अब कर रहा है बैंक अधिकारियों की उम्र सीमा में बदलाव की तैयारी! जानिए पूरा मामला

भारतीय रिर्ज़व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक प्रस्ताव रखा है जिसमें बैंक प्रोमोटर्स (Bank Promoters Age Limit) की उम्र 70 साल से ज्यादा नहीं होगी. साथ ही उनका कार्यकाल भी अधिकतम 10 साल का ही होगा.

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    मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बैंकों के प्रवर्तक समूह से संबंध रखने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) और पूर्णकालिक निदेशकों की आयु सीमा 70 वर्ष और अधिकतम कार्यकाल 10 वर्ष तय करने का प्रस्ताव रखा है. यह पेशकश बैंकिंग क्षेत्र में प्रशासन को बेहतर बनाने की कवायद के तहत की गई है.

    आरबीआई ने मांगा सुझाव
    RBI द्वारा गुरुवार को जारी परिचर्चा पत्र में कहा गया है कि प्रवर्तक समूह से संबंध रखने वाले CEO और पूर्णकालिक निदेशकों (WUTD) को 10 साल बाद प्रबंधन का नेतृत्व पेशेवरों को सौंपना चाहिए. इस परिचर्चा पत्र पर RBI ने विभिन्न हितधारकों से 15 जुलाई, 2020 तक सुझाव मांगे हैं.

    इसमें कहा गया है, ‘‘बैंकों के CEO/ WUTD के लिए ऊपरी आयु सीमा 70 वर्ष है. इसके बाद इस पद पर कोई भी बना नहीं रह सकता है. 70 वर्ष की अधिकतम सीमा के भीतर प्रत्येक बैंक का बोर्ड आंतरिक नीति के रूप में सीईओ/ डब्ल्यूटीडी की उम्र सीमा को कम कर सकता है.’’

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    क्यों सीमित करना जरूरी है कार्यकाल?
    परिचर्चा पत्र में कहा गया है कि सुसंगत प्रशासन की संस्कृति को मजबूती देने के लिए और स्वामित्व से प्रबंधन को अलग करने के सिद्धांत को अपनाने के लिए ‘‘डब्ल्यूटीडी या सीईओ के कार्यकाल को सीमित करना जरूरी है.’’

    इसमें आगे कहा गया है कि किसी बैंक के प्रवर्तक/ प्रमुख शेयरधारक के लिए डब्ल्यूटीडी या बैंक के सीईओ के रूप में कामकाज को स्थिर करने और प्रबंधकीय नेतृत्व को एक पेशेवर प्रबंधन में बदलने के लिए 10 साल का समय पर्याप्त है. इससे न सिर्फ स्वामित्व से प्रबंधन को अलग करने में मदद मिलेगी, बल्कि पेशेवर प्रबंधन की संस्कृति को बढ़ावा भी मिलेगा.

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