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RBI report: मार्च 2023 तक बैंकों का फंसा हुआ कर्ज कम होगा, पर स्थिति बिगड़ी तो एनपीए भी बिगड़ जाएगा, समझिए कैसे?

RBI report: मार्च 2023 तक बैंकों का फंसा हुआ कर्ज कम होगा, पर स्थिति बिगड़ी तो एनपीए भी बिगड़ जाएगा, समझिए कैसे?

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने गुरुवार को अपनी फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट (Financial Stability Report) जारी की.

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने गुरुवार को अपनी फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट (Financial Stability Report) जारी की.

आरबीआई ने कहा है कि अगले साल मार्च तक बैंकों का एनपीए घट सकता है. कर्ज में वृद्धि और एनपीए के हिस्से में कमी आने से फंसे हुए कर्ज की दर छह साल के निचले स्तर पर आ जायेगी. हालांकि उसने आगाह भी किया है कि अगर व्यापक स्तर पर आर्थिक माहौल बिगड़ता है तो फंसे हुए कर्जों का अनुपात बढ़ सकता है.

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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने संभावना जताई है कि मार्च 2023 तक कुल ऋण पर बैंकों का फंसा हुआ कर्ज घटकर 5.3 प्रतिशत रह जाएगा. आरबीआई ने कहा कि कर्ज में वृद्धि और गैर-निष्पादित परसंपत्तियों (एनपीए) के हिस्से में कमी आने से फंसे हुए कर्ज की दर छह साल के निचले स्तर पर आ जायेगी.

हालांकि उसने आगाह भी किया है कि अगर व्यापक स्तर पर आर्थिक माहौल बिगड़ता है तो खराब ऋणों या फंसे हुए कर्जों का अनुपात बढ़ सकता है. बैंकों का सकल एनपीए मार्च, 2022 में घटकर छह साल के सबसे निचले स्तर 5.9 प्रतिशत पर आ गया था. वहीं, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल एनपीए मार्च, 2021 में 7.4 प्रतिशत पर था.

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मार्च 2022 में एनपीए 5.9 प्रतिशत पर
केंद्रीय बैंक ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘नियामक की तरफ से भविष्य में किसी भी तरह की राहत की कोई गुंजाइश नहीं है. ऐसे में अनुसूचित बैंकों का सकल एनपीए सुधरकर मार्च, 2023 तक 5.3 प्रतिशत पर आ सकता है, जो मार्च 2022 में 5.9 प्रतिशत था. इसकी वजह बैंक ऋण में वृद्धि और एनपीए के स्टॉक में गिरावट के रुझान समेत अन्य कारक हैं.’’

स्थिति बिगड़ी तो एनपीए भी बिगड़ेगा
आरबीआई ने गुरुवार को जारी अपनी 25वीं वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में कहा कि व्यापक पैमाने पर स्थिति के बिगड़ने पर बैंकों का सकल एनपीए 6.2 प्रतिशत से बढ़कर 8.3 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है. केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘बैंक के समूह स्तर पर भी सकल एनपीए अनुपात मार्च 2023 तक कम हो सकता है.’’

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रिपोर्ट में बैंकों के ऋण को लेकर कहा गया कि बैंक ऋण की गहरी रूपरेखा से संकेत मिलता है कि अधिकांश पुनरुद्धार 2021-22 की दूसरी छमाही में हुआ था और यह सिलसिला चालू वित्त वर्ष में भी जारी है.

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने गुरुवार को अपनी फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट (Financial Stability Report) जारी की. रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा है कि भारतीय की अर्थव्यवस्था रिकवरी की राह पर है, लेकिन महंगाई का दबाव बना हुआ है. बाहरी फैक्टर्स और जिओपॉलिटिकल जोखिमों पर करीब से नजर रखने की जरूरत है.

Tags: Bank NPA, NPA, RBI, RBI Governor

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