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RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.1% किया, जानें पॉलिसी से जुड़ी 7 बड़ी बातें

News18Hindi
Updated: October 4, 2019, 3:17 PM IST
RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.1% किया, जानें पॉलिसी से जुड़ी 7 बड़ी बातें
आरबीई गवर्नर, शक्तिकांत दास

रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है. इसके पहले अगस्त में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ का अनुमान 7.0 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया था.

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  • Last Updated: October 4, 2019, 3:17 PM IST
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मुंबई. RBI (Reserve Bank of India) ने इस साल में पांचवीं बार रेपो रेट (RBI Repo Rate cut) घटाकर आम आदमी और कंपनियों को बड़ी राहत दी है. RBI कीमॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (RBI MPC Meeting Decision) की बैठक में रेपो रेट 0.25 फीसदी घटकर 5.15 फीसदी पर आ गया है. यह मार्च 2010 के बाद का सबसे निचला स्तर है. पॉलिसी के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है. इसके पहले अगस्त में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ का अनुमान 7.0 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया था.

(1) RBI की नई ब्याज दरें
रेपो रेट : 5.15%
रिवर्स रेपो रेट : 4.90%

CRR : 4%
SLR : 19%

(2) RBI ने घटाया ग्रोथ का अनुमान-  वित्त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही में 6.6-7.2 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है. वहीं वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ग्रोथ 5.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021 के लिए ग्रोथ का अनुमान 7.1 फीसदी रखा है.
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(3) 5 लोगों ने ब्याज दरें घटाने के पक्ष में दिए वोट- मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) के 5 सदस्य ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में रहे. वहीं, 2 सदस्यों ने कटौती के विपक्ष में वोट दिया. अब MPC की अगली अगली बैठक 3, 4 और 5 दिसबंर 2019 को होगी.

(4) रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला महंगाई दर के तय लक्ष्य के मुताबिक रहने और ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए किया है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि निजी निवेश और मांग को बढ़ाना आरबीआई की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ग्रोथ में सुधार तक मॉनेटरी पॉलिसी में नरम रुख जारी रहेगा. ब्याज दरों के लिए कोई लोअर बैंड तय नहीं है. हर राज्य में 1 डिजिटल जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है.



(5) आरबीआई ने कहा है कि कमजोर मांग की वजह से CPI में गिरावट आई है. 1 अक्टूबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 43,460 करोड़ डॉलर था. पॉलिसी पर MPC का नरम रुख जारी रहेगा. ग्रोथ दोबारा पटरी पर लाने के लिए सुधार जरूरी है. आरबीआई ने कहा है कि अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रा सेक्टर में सुधार देखने को मिला है.

(6) घरेलू मांग की रिकवरी में कृषि का बड़ा योगदान है. रबी फसलों की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद है. कमजोर मांग के चलते रियल्टी सेक्टर में धीमापन रहा है. ग्रामीण, शहरी मांग में आगे भी धीमापन संभव है. कमजोर मांग के कारण Q2 GDP पर असर पड़ सकता है. दुनियाभर के बाजार में अब भी अनिश्चितता बरकरार है.



(7) दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों का रेट पर नरम रूख बना हुआ है. पॉलिसी पर आरबीआई MPC का नरम रुख जारी रहेगा. आरबीआई ने कहा है कि वित्त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही के लिए ग्रोथ लक्ष्य 6.6-7.2 फीसदी और वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही के लिए ग्रोथ लक्ष्य 5.3 फीसदी तय किया गया है.

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First published: October 4, 2019, 1:28 PM IST
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