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RBI ने मांगी लोगों की राय: डेबिट, क्रेडिट कार्ड व UPI पेमेंट पर किस तरीके से लगना चाहिए शुल्क?

RBI ने मांगी लोगों की राय: डेबिट, क्रेडिट कार्ड व UPI पेमेंट पर किस तरीके से लगना चाहिए शुल्क?

RBI ने लोगों की राय जानने के लिए एक डिस्कशन पेपर जारी किया है.

RBI ने लोगों की राय जानने के लिए एक डिस्कशन पेपर जारी किया है.

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पेमेंट सिस्टम्स में लगने वाले कई शुल्कों पर जनता की प्रतिक्रिया मांगी है. RBI ने इसके लिए एक चर्चा अथवा डिस्कशन पेपर जारी किया है. RBI ने मुख्य रूप से पूछा है कि इन चार्जेज को और अधिक पारदर्शी कैसे बनाया जा सकता है?

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हाइलाइट्स

पेमेंट सिस्टम्स में डेबिट व क्रेडिट कार्ड, NEFT, RTGS, UPI और PPI को शामिल किया है.
"भुगतान प्रणालियों में शुल्क" पर एक डिस्कशन पेपर सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है.
RBI ने 3 अक्टूबर, 2022 तक आम लोगों की टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं.

नई दिल्ली. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पेमेंट सिस्टम्स में लगने वाले कई शुल्कों पर जनता की प्रतिक्रिया मांगी है. RBI ने इसके लिए एक चर्चा अथवा डिस्कशन पेपर जारी किया है. आरबीआई ने जनता से मशविरा मांगा है कि क्या विभिन्न तरह के पेमेंट सिस्टम्स में लगने वाले शुल्कों में किस तरीके से पारदर्शिता लाई जा सकती है.

RBI ने भुगतान प्रणालियों (Payments Systems) में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एनईएफटी, आरटीजीएस, यूपीआई और पीपीआई को शामिल किया है. इन्हीं सब पर लगने वाले शुल्कों पर जनता की राय मांगी है.

“भुगतान प्रणालियों में शुल्क” पर एक डिस्कशन पेपर सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है. इसमें ऐसे शुल्कों पर विभिन्न पहलुओं पर लगभग 40 प्रश्न उठाए गए थे. हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मामले पर अपनी कोई राय नहीं दी है. बजाय इसके, RBI ने 3 अक्टूबर, 2022 तक टिप्पणियां और प्रतिक्रिया आमंत्रित की है, जिसका उपयोग नीतियों (Policies) और हस्तक्षेप रणनीतियों (Intervention Strategies) को निर्देशित करने के लिए किया जाएगा.

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शुक्ल किसके द्वारा निर्धारित हो?
मोटे तौर पर, आरबीआई ने इस पर प्रतिक्रिया मांगी है कि क्या डिजिटल भुगतान शुल्क (Digital Payments Charges) नियामक द्वारा निर्धारित हों या बाजार उन्हें निर्धारित करे? क्या चार्जेज लेनदेन मूल्य (Transaction Value) पर लगने चाहिए या एक फिक्स्ड अमाउंट का अनुपात होना चाहिए? इसके अतिरिक्त इन्हें और अधिक पारदर्शी कैसे बनाया जा सकता है?

आम जनता को अधिक शक्ति देने का इरादा
हालांकि जनता की राय के बाद आरबीआई किस तरह से आगे बढ़ेगा, इस बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है. परंतु रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का पेमेंट विजन 2025 डॉक्यूमेंट ग्राहकों को अधिक पावर देने की बात पर जोर देता है. सरकार भी जनता द्वारा अधिक से अधिक डिजिटल पेमेंट्स अपनाने की इच्छुक है. इसलिए, यह संभावना नहीं दिखती कि ग्राहकों के लिए शुल्क में कोई बड़ी वृद्धि हो, और यदि वे ऐसा करते हैं, तो वे बैंकों, फिनटेक आदि द्वारा वहन किए जा सकते हैं.

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कैसे पहुंचाएं रिजर्व बैंक तक अपनी राय
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ग्राहकों, और अन्य हितधारकों से 3 अक्टूबर तक राय देने के लिए कहा है. मिले सुझावों के आधार पर अंतिम नियम बनाए जा सकते हैं. रिजर्व बैंक ने डिस्कशन पेपर में साफ किया है कि उसका इरादा किसी चीज की कोई सीमा तय करने या कंट्रोल लगाने का नहीं है, बल्कि जो सुझाव आएंगे उन पर विचार कर अंतिम फैसला लिया जाएगा. आप अपनी राय dpssfeedback@rbi.org.in पर भेज सकते हैं. ध्यान रहे कि आपके हर सुझाव के पीछे एक ठोस वजह होनी चाहिए, ताकि RBI उस पर हर एंगल से गौर करे. यदि आप विस्तृत डिस्कशन पेपर देखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं.

Tags: Business news, Business news in hindi, Digital payment, RBI, Upi

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