30 साल में पहली बार RBI करने जा रहा है सोने की बिक्री, सरकार को भी होगा फायदा!

रिजर्व बैंक जालान कमेटी की सिफारिशें स्वीकार कर चुका है

रिजर्व बैंक जालान कमेटी की सिफारिशें स्वीकार कर चुका है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 30 साल में पहली बार अपने रिजर्व से सोना बेचने की सोच रहा है. इस बात से ऐसा लग रहा है कि रिजर्व बैंक जालान कमेटी की सिफारिशें स्वीकार कर चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2019, 11:44 AM IST
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नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 30 साल में पहली बार अपने रिजर्व से सोना बेचने की सोच रहा है. इस बात से ऐसा लग रहा है कि रिजर्व बैंक जालान कमेटी की सिफारिशें स्वीकार कर चुका है. जालान समिति ने कहा था कि रिजर्व बैंक को सोने की ट्रेडिंग करनी चाहिए. इसके बाद इस साल अगस्त से रिजर्व बैंक गोल्ड ट्रेडिंग में एक्टिव हो गया है. इस समिति की सिफारिशों के अनुसार RBI को सोने की ट्रेडिंग में तय सीमा से अधिक की कमाई होने पर उसे मोदी सरकार से बांट सकती है.

आरबीआई ने इस आल अब तक कुल $1.15 अरब का सोना बेचा है. रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इसने अपने कारोबारी साल की शुरुआत वाले महीने यानी जुलाई 2019 से $5.1 अरब का सोना खरीदा है और लगभग $1.15 अरब का सोना बेचा है.

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सोने की ट्रेडिंग एक्टिव तरीके से शुरू हो चुकी है 
इकॉनोमिक टाइम्स में छपी खबर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक RBI के पास अगस्त के अंत तक 1.987 करोड़ औंस सोना था, 11 अक्टूबर को फॉरेक्स रिजर्व में $26.7 अरब के बराबर सोना था.  भारतीय रिजर्व बैंक ने जब जालान कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है, तब से यह सोने की ट्रेडिंग एक्टिव तरीके से करने लगा है.

जालान समिति की सिफारिश में कहा गया है कि RBI को सोने में होने वाला वैल्यूएशन गेन नहीं बल्कि उसकी ट्रेडिंग से हासिल होने वाला प्रॉफिट सरकार के साथ शेयर करना चाहिए. जालान समिति का गठन पिछले साल सरकार के राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक की अतिरिक्त आमदनी शेयर करने की बात पर मचे बवाल के बाद किया गया था.

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भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों में महीने के अंतिम हफ्ते की वैल्यू को शामिल नहीं किया गया है. अगर RBI की साल 2018-19 की रिपोर्ट के हिसाब से बात करें तो सोने की कीमत का अंदाजा हर महीने के अंतिम कारोबारी दिन लगाया जाता है. यह महीने के लिए लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की तरफ से तय कीमत के 90% के हिसाब से होता है. इस हिसाब से फॉरेक्स रिजर्व में सोने की वैल्यू सिर्फ महीने के अंतिम हफ्ते में बदलती है. कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक फॉरेक्स रिजर्व में सोने के स्टॉक का आंकलन महीने में एक बार किया जाता है, बीच के हफ्ते में सोने की वैल्यू में होने वाला बदलाव सोने की खरीद-फरोख्त के चलते हो सकता है.

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