नोट छापने के अलावा करोड़ों की कमाई भी करता है RBI, जानिए इससे जुड़ी 4 बड़ी बातें

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Updated: August 27, 2019, 7:38 PM IST
नोट छापने के अलावा करोड़ों की कमाई भी करता है RBI, जानिए इससे जुड़ी 4 बड़ी बातें
आखिर RBI कैसे कमता है करोड़ों रुपये, जानिए इससे जुड़ी 4 बड़ी बातें

केंद्र की मोदी सरकार को रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की मंजूरी RBI बोर्ड ने दी है. आइए जानें RBI कैसे कमाई करता है और अपने पास कितने करोड़ रुपये का इमरजेंसी फंड रखता है.

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  • Last Updated: August 27, 2019, 7:38 PM IST
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देश की आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए RBI ने सरकार की बड़ी मदद की है. RBI ने अपने सरप्लस (RBI Surplus Cash Reserve) फंड से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगा. इन पैसों का इस्तेमाल मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए करेगी. अब सवाल उठता है कि RBI की आमदनी कैसे होती है. साथ ही, और कौन से रिजर्व आरबीआई अपने पास रखता है. आपको बता दें कि RBI बोर्ड बैठक में बिमल जालान (Bimal Jalan Committee) कमेटी की सिफारिशों को मान लिया गया है. इसके बाद ही सरकार को पैसे ट्रांसफर किए जा रहे है. केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने की मंजूरी आरबीई बोर्ड ने दी है.

आइए जानें पूरा मामला...



(1) RBI की बैलेंस शीट के बारे में जानिए- RBI की बैलेंस शीट आम कंपनियों की तरह नहीं होती है. आरबीई की प्रॉपर्टी का 26 फीसदी हिस्सा रिजर्व के रूप में होता है. इसका ही इन्वेस्टमेंट विदेशों में, भारत सरकार के बॉन्ड्स और गोल्ड में किया जाता है. आंकड़ों के मुताबिक, RBI के पास करीब 600 टन के आस-पास गोल्ड रिजर्व है. इसे विदेशी मुद्रा भंडार के साथ जोड़ दिया जाए तो यह बैंक की कुल संपत्ति का 77 फीसदी बैठता है.

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(2) RBI अपने पास रखता है इमरजेंसी फंड (CF)- अगर आम भाषा में कहें तो यह एक विशेष प्रावधान होता है जो मॉनिटरी पॉलिसी और एक्सचेंज रेट को मैनेज करने के चलते अचानक आन पड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होता है. मतलब साफ है कि इसका इस्तेमाल जरुरतों के हिसाब से और कोई भी इमरजेंसी आने पर इस फंड का इस्तेमाल होता है. साल 2017-18 में CF का आकार 2.32 लाख करोड़ था, जो RBI के कुल ऐसेट्स का 6.4% था.

रिजर्व बैंक ने बिमल जालान कमेटी की सिफारिशों को मान लिया है. (फाइल फोटो)

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वित्त वर्ष 2013-14 से तीन साल तक आरबीआई ने CF में बिल्कुल पैसा नहीं रखा था क्योंकि टेक्निकल कमिटी का मानना था कि उसके पास पहले से ही काफी 'बफर' (आर्थिक पूंजी/बफर पूंजी) है. हालांकि, बीते साल में बैंक ने CF रखा.

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(3) RBI की आमदनी का जरिया क्या है?-  मनीकंट्रोल के डिप्टी एडिटर गौरव चौधरी का कहना है आरबीआई की आमदनी का मुख्य जरिया सरकारी बॉन्ड, गोल्ड पर किया गया इन्वेस्टमेंट और विदेशी मार्केट में फोरेक्स और बॉन्ड ट्रेडिंग होता है.



RBI के पास इस बार रिकॉर्ड सरप्लस था क्योंकि पिछले साल बैंक ने गोल्ड और विदेशी मुद्रा बाजार, दोनों  बाजारों में वह ऐक्टिव रहा. बैंक ने बड़े प्रॉफिट पर डॉलर बेचे और मुद्रा बाजार में रेकॉर्ड बॉन्ड खरीदे, जिनपर अच्छा रिटर्न मिला है.

(4) RBI का सरप्लस क्या होता है- गौरव बताते हैं कि यह वो रकम  होती है. जिसे RBI सरकार को ट्रांसफर करता है. RBI अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद जो सरप्लस बचता है उसे सरकार को ट्रांसफर करना होता है. वित्त वर्ष 2017-2018 में आरबीआई के खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा 14,200 करोड़ रुपये का था, जो उसने कंटिंजेंसी फंड से किया था. जितना बड़ा हिस्सा कंटिंजेंसी फंड (CF) में जाएगा, सरप्लस उतना घटेगा.

 

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First published: August 27, 2019, 1:56 PM IST
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