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RBI का क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के उपभोक्‍ताओं को तोहफा! इंटरनेट बैंकिंग के नियमों में ढील का रखा प्रस्‍ताव

भारतीय रिजर्व बैंक

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RBI Monetary Policy 2022 - आरबीआई ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग के प्रसार को बढ़ावा देने की जरूरत को ध ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक के बाद ग्रामीण बैंकों पर बात की. 
RRB ग्रामीण भारत को बेसिक बैंकिंग और फाइेंशियल सर्विसेज प्रदान करने के लिए बनाए गए थे. 
इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरबीआई के गाइडलाइंस बैंकों की अन्य श्रेणियों की तुलना में बहुत सख्त हैं,

नई दिल्ली. अगर आपका अकाउंट क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों या आरआरबी (Regional Rural Banks) में है तो आपके लिए खुशखबरी है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डेवलपमेंट और रेगुलेटरी पॉॉलिसीज पर अपने बयान में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों या आरआरबी (Regional Rural Banks) के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग के नॉर्म्स को आसान बनाने का प्रस्ताव दिया है.

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने की जरूरत
आरबीआई ने एक बयान में कहा, “आरआरबी को वर्तमान में कुछ फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल नॉर्म्स को पूरा करने के बाद रिजर्व बैंक की पूर्व स्वीकृति के साथ अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की अनुमति है. ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग के प्रसार को बढ़ावा देने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आरआरबी के लिए इंटरनेट बैंकिंग प्रदान करने के लिए पात्र होने के नॉर्म्स को युक्तिसंगत बनाया जा रहा है.”

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क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की सेवाओं का दायरा सीमित
आरआरबी ग्रामीण भारत को बेसिक बैंकिंग और फाइेंशियल सर्विसेज प्रदान करने के लिए बनाए गए थे. नतीजतन इन बैंकों की सेवाओं का दायरा सीमित था और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हुई थीं. आरआरबी के ग्राहकों को नॉन-ट्रांजैक्शनल सर्विसेज जैसे बैलेंस पूछताछ, अकाउंट स्टेटमेंट डाउनलोड या चेकबुक के लिए अनुरोध और सीमित ट्रांजैक्शनल सुविधाएं मिलती हैं. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और नॉर्म्स में आसानी के साथ जल्द ही इंटरनेट बैंकिंग को युक्तिसंगत बनाया जाएगा.

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मिंट से बात करते हुए बैंकबाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, “ग्रामीण बैंकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरबीआई के गाइडलाइंस बैंकों की अन्य श्रेणियों की तुलना में बहुत सख्त हैं, क्योंकि कानूनी, रेगुलेटरी और सुपरवाइजरी मुद्दों को संबोधित करने के लिए टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी स्टैंडर्ड और नीतियां विरल थीं. इसलिए, इंटरनेट बैंकिंग सुविधा शुरू में नॉन-ट्रांजैक्शनल सर्विसेज के लिए सख्ती से थी, जैसे कि बैलेंस पूछताछ, बैलेंस देखने, अकाउंट स्टोटमेंट डाउनलोड, चेकबुक के लिए अनुरोध आदि. ऑनलाइन फंड-बेस्ड ट्रांजैक्शन की अनुमति के बाद भी फाइेंशियल और नॉन-फाइेंशियल इस तरह के ट्रांसफर को इनेबल करने के लिए वित्तीय मानदंड व्यापक थे.

विवरण का अभी भी इंतजार
आदिल शेट्टी ने कहा, ”अब जैसे-जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग का प्रसार हो रहा है, आरआरबी के लिए इंटरनेट बैंकिंग प्रदान करने के लिए पात्र होने के नॉर्म्स को युक्तिसंगत बनाया जा रहा है. विवरण का अभी भी इंतजार है, लेकिन इस कदम का मतलब यह होगा कि ग्रामीण भारत से बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे और औपचारिक बैंकिंग के दायरे में आ सकेंगे. यह न केवल ऑनलाइन बैंकिंग बल्कि अन्य क्रेडिट और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के साथ-साथ समाज के एक बहुत ही कमजोर वर्ग के लिए सरकारी लाभों तक पहुंचने का पहला कदम हो सकता है.”

Tags: Banking services, RBI, Reserve bank of india, Shaktikanta Das

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