रिजर्व बैंक ने नई रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी का गठन किया, जानें क्या करेगी नई अथॉरिटी

अथॉरिटी का काम आरबीआई के नियमों को ज्यादा प्रभावी बनाना भी होगा.

अथॉरिटी का काम आरबीआई के नियमों को ज्यादा प्रभावी बनाना भी होगा.

गुलेशन रिव्यू अथॉरिटी रिजर्व बैंक द्वारा रेगुलेटेड कंपनियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सलाह लेकर नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाएगा. यही नहीं, उनका इंप्लिमेंटेशन आसान और प्रैक्टिकल बनाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 8:47 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई, RBI) ने अपने रेगुलेटरी फंक्शंस की आंतरिक समीक्षा के लिए नए रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी (Regulations Review Authority- RRA 2.0) के गठन का फैसला किया है. यह रिव्यू अथॉरिटी एक साल के लिए गठित होगा जो 1 मई, 2021 से प्रभावी हो जाएगा. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर राजेश्वर राव (Deputy Governor Rajeshwar Rao) को रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी का प्रमुख नियुक्त किया गया है.

RRA 2.0 रिजर्व बैंक के नियमों की समीक्षा तो करेगा ही, यह RBI द्वारा रेगुलेटेड कंपनियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सलाह लेकर RBI के नियमों को सरल बनाएगा और उनका इंप्लिमेंटेशन आसान और प्रैक्टिकल बनाएगा. इसके साथ ही RRA 2.0 रेगुलेटरी इंस्ट्रक्शंस को पालन कराने के साथ RBI द्वारा रेगुलेटेड कंपनियों के कंप्लायंस बर्डेन यानी नियमों के अनुपालन को बोझ को कम करने में भी मदद करेगा. साथ ही इसका काम RBI के नियमों को ज्यादा प्रभावी बनाना भी होगा.

यह भी पढ़ें : नौकरी की बात :  इंटरव्यू में नई स्किल के बेहतर प्रदर्शन से मिलेगी जॉब की गारंटी, जानिए ऐसे ही अहम मंत्र

1999 में बनी थी पहली रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी
आपको बता दें कि इससे पहले RBI ने रेगुलेशन रिव्यू अथॉरिटी (RRA) का गठन एक साल के लिए वर्ष 1999 में किया था. RBI ने उस समय इसका गठन अपने लोगों, बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के फीडबैक के आधार पर रेगुलेशन, सर्कुलर, रिपोर्टिंग सिस्टम को रिव्यू करने के लिए किया था.

यह भी पढ़ें : भारत की कंपनियां इस फार्मूले पर देती हैं जॉब, अच्छी नौकरी पाने के लिए जानें यह तरीका





ऑनलाइन डिजिटल रिटर्न फाइल करने के लिए बढ़ावा मिलेगा

RRA 2.0 रेगुलेटेड संस्थानों से फीडबैक लेगी और RBI के सर्कुलर और आदेशों को प्रसारित करने की प्रक्रिया को जांचने और दुरुस्त बनाने का काम करेगी. इसके साथ ही इसका काम रेगुलेटेड एंटिटीज को पेपर बेस्ड रिटर्न फाइल करने के लिए हतोत्साहित करना होगा और उन्हें ऑनलाइन डिजिटल रिटर्न फाइल करने के लिए बढ़ावा देना होगा. इसका काम रेगुलेटरी और सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्शंस को ज्यादा असरदार बनाना है.

यह भी पढ़ें :  कोरोना वैक्सीन बनाने वाली सीरम ने इस बड़ी कंपनी में किया निवेश, जानें सब कुछ 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज