RBI ने इस बैंक के ग्राहकों को दी राहत! अब मनी विद्ड्रॉल लिमिट के अलावा मिलेंगे कई फायदे

RBI ने यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक पर लगायी पाबंदियों को वापस लिया

RBI ने यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक पर लगायी पाबंदियों को वापस लिया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को कोल्हापुर स्थित यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि. (Youth Development Co-Operative Bank) के ग्राहकों को राहत दी.

  • Share this:

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को कोल्हापुर स्थित यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि. (Youth Development Co-Operative Bank) के ग्राहकों को राहत दी. आरबीआई ने सहकारी बैंक पर जनवरी 2019 से लगायी गयी पाबंदियों को वापस ले लिया. केंद्रीय बैंक ने कोल्हापुर के सहकारी बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति को देखते हुए 5,000 रुपये तक की निकासी सीमा समेत कई पाबंदियां लगायी थीं. शुरू में ये पाबंदियां पांच जनवरी, 2019 को छह महीने के लिए लगायी गयी थीं. बाद में इसे समय-समय पर बढ़ाया गया.

सभी निर्देशों को लिया वापस- आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्थिति संतोषजनक पाये जाने के बाद लोगों के हित में पांच अप्रैल, 2021 से कोल्हापुर स्थित यूथ डेवलपमेंट को-अपरेटिव बैंक लि. को लेकर जारी सभी निर्देशों को वापस लेता है.

पाबंदियां हटने से ग्राहकों को मिलेंगे ये फायदे- सहकारी बैंक पर जो अन्य पाबंदियां लगायी गयी थीं, उसमें आरबीआई की मंजूरी बिना किसी कर्ज की मंजूरी या नवीनीकरण, किसी प्रकार का निवेश करने पर रोक आदि शामिल थी.

ये भी पढ़ें: Bank Strike: बैंक कर्मचारी जाएंगे लंबी हड़ताल पर, फटाफट निपटा लें सभी जरूरी काम, इतने दिन बंद रहेंगे बैंक!

लगाये गए थे ये प्रतिबंध- इन प्रतिबंधों के मुताबिक, बैंक का मैनेजमेंट रिजर्व बैंक की लिखित मंजूरी के बिना किसी भी तरह की ग्रांट नहीं दे सकता, कोई नया लोन जारी नहीं कर सकता और न ही लोन को रिन्यू कर सकता है. इस बैंक के ग्राहक 50,000 रुपये से ज्यादा निकाल नहीं सकेंगे. RBI इससे पहले भी कई बैंकों पर उसकी वित्तीय स्थिति को देखते हुए उन पाबंदियां लगा चुका है.


मिलती है 5 लाख रुपये की गारंटी- बैंक चाहे सरकारी हो या प्राइवेट, विदेशी हो या को ऑपरेटिव, इनमें जमा पैसों पर सिक्योरिटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी काॅर्पोरेशन (DICGC) की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है. इसके लिए बैंक प्रीमियम भरते हैं. आपके बैंक अकाउंट में कितनी भी रकम जमा हो, गारंटी सिर्फ 5 लाख रुपये तक की होती है. इसमें मूलधन और ब्याज, दोनों शामिल हैं. आपको बता दें कि यह राशि पहले 1 लाख रुपये थी जिसे वित्त मंत्री ने एक फरवरी 2020 को पेश किए बजट में बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है.



पैसे मिलने की कोई समय सीमा नहीं- यही नहीं, अगर आपके किसी एक बैंक में एक से अधिक अकाउंट और FD आदि हैं तो भी बैंक के डिफॉल्टर होने या डूब जाने के बाद आपको 5 लाख रुपये ही मिलने की गारंटी है. यह रकम किस तरह मिलेगी, यह गाइडलाइंस DICGC तय करता है. वहीं ये 5 लाख रुपये कितने दिनों में मिलेंगे, इसे लेकर कोई समय सीमा नहीं है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज