Bird Flu के नाम पर NECC के चेयरमैन बोले- ‘लैब में टेस्टिंग के लिए भेजी हैं राजस्थान की मुर्गियां’

सांकेतिक तस्वीर.

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राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश, गुजरात और झारखंड से बड़ी संख्या में पक्षियों के मरने की खबर आ रही है. इसी के चलते मुर्गियों में भी बर्ड फ्लू (Bird Flu) होने के खतरे की आशंका सताने लगी है. राजस्थान में मुर्गियां लैब में टेस्टिंग के लिए भेजी गई हैं.

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  • Last Updated: January 5, 2021, 10:31 PM IST
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नई दिल्ली: राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश, गुजरात और झारखंड से बड़ी संख्या में पक्षियों के मरने की खबर आ रही है. इसी के चलते मुर्गियों में भी बर्ड फ्लू (Bird Flu) होने के खतरे की आशंका सताने लगी है. राजस्थान में मुर्गियां लैब में टेस्टिंग के लिए भेजी गई हैं. हरियाणा में मुर्गियों में बर्ड फ्लू नहीं रानीखेत डीज़ीज़ (RD) होने की बात कही जा रही है. जिसके चलते अंडा (Egg) प्रोडक्शन पर असर पड़ रहा है. वहीं हरियाणा की बताते हुए एक फोटो भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रही है. फोटो में पोल्ट्री फार्म पर काम करने वाले दो लोग पीपीई किट (PPE) पहने हुए हैं.

यह बोले एनईसीसी, राजस्थान के चेयरमैन
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी, राजस्थान के चेयरमैन डॉ. राजकुमार ने न्यूज18 से मोबाइल पर बात करते हुए कहा, “राजस्थान में पक्षियों की मौत हो रही है. इसी के चलते एहतियात बरतते हुए कुछ मुर्गियों को लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया है कि उनके अंदर बर्ड फ्लू है या नहीं. इसके अलावा मैंने खुद कुछ ज़िलों में जाकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया है, मुर्गियों में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं. फिर भी हम लैब की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.”

यह बोली, देश की सबसे बड़ी एग मंडी बरवाला
बरवाला एग ट्रेडर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट मोहम्मद अफज़ाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया, “हमारे यहां बर्ड फ्लू जैसी कोई बात नहीं है. हां, लेकिन मुर्गियों में आरडी हो गई है. इसकी वजह से मुर्गियों को मोल्डिंग पर लगाया गया है. इसी की वजह से अंडे का प्रोडक्शन कम हो गया है और रेट बढ़ रहे हैं रही बात बर्ड फ्लू की तो यह बीमारी देश से खत्म हो चुकी है.”



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यह होती है आरडी बीमारी
पोल्ट्री फर्म के मालिक अनिल शाक्या ने बताया, “आरडी बीमारी होने पर मुर्गियों का एक पैर आगे और एक पीछे की तरफ चला जाता है. मुर्गियों की गर्दन अकड़ जाती है. ऐसा होने के कुछ देर बाद ही मुर्गियां मरने लगती हैं, लेकिन अब इसका वैक्सीन भी आ गया है. मुर्गियों को दवाई भी दी जाती है. आरडी के लक्षण दिखने पर मुर्गियों को 10 से 15 दिन तक मोल्डिंग पर रखा जाता है. इस दौरान उन्हें सिर्फ दवाई दी जाती है. मोल्डिंग में मुर्गियां अंडा नहीं देती हैं.”
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