• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • 'अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर-लद्दाख प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ेगा निवेश'

'अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर-लद्दाख प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ेगा निवेश'

अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) में भारत के रियल एस्टेट कंपनियां और डेवल्पर्स अपना निवेश बढ़ा सकते हैं.

अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) में भारत के रियल एस्टेट कंपनियां और डेवल्पर्स अपना निवेश बढ़ा सकते हैं.

अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) में भारत के रियल एस्टेट कंपनियां और डेवल्पर्स अपना निवेश बढ़ा सकते हैं.

  • Share this:
    जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (ladakh) के रियल एस्टेट सेक्टर (real State Sector) में जल्द निवेश बढ़ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारत के रियल एस्टेट कंपनियां और डेवल्पर्स अपना निवेश बढ़ा सकते हैं. रियल एस्टेट डिवेलपर्स की संस्था  क्रेडाई (CREDAI) के चेयरमैन जैक्से शाह ने अंग्रेजी के अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि वो लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. अब इन तीनों राज्यों में रेजिडेंशल (Residential Projects) के साथ कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश होगा. उनका कहना है कि वहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना टूरिज्म के लिए गोल्फ कोर्स, होटल और दूसरी सुविधाओं के विकास की पूरी संभावना है.

    बता दें कि भारत ने कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 370 को हटा दिया है. जम्मू-कश्मीर, दो राज्यों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बंट गया है. इसके साथ ही भारत में कुल केंद्र शासित राज्यों की संख्या अब 7 से बढ़कर 9 हो गई है, जबकि पूर्ण राज्यों की संख्या घटकर 28 हो गई. जम्मू-कश्मीर जो अब तक विशेष राज्य का दर्जा पाता रहा था अब वह भारत का केंद्र शासित है.

    'अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर-लद्दाख प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ेगा निवेश'


    टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में छपी खबर के मुताबिक, इजरायल के तेल अवीव में क्रेडाई की सालाना बैठक चल रही है. जैक्से शाह ने कहा है अफोर्डेबल हाउजिंग में 45 लाख रुपये की ऊपरी सीमा को हटाई जानी चाहिए, क्योंकि यह NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में लोगों को सरकार की योजना का फायदा लेने में समस्या बन रही है.

    क्या है क्रेडाई (CREDAI) -रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) रियल एस्टेट विकास के कारोबार को आत्मनिर्भर करने के लिए भारत में डेवलपर्स और बिल्डरों द्वारा गठित एक संघ है.

    क्रेडाई में 8500 से अधिक सदस्य डेवलपर्स और बिल्डर हैं, जो 112 प्रमुख संगठनों के जरिये देश के सभी प्रमुख शहरों और राज्यों में प्रतिनिधित्व के साथ हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज