सेविंग अकाउंट में पैसे रखते हैं तो जान लें ये बात, आपके रिटर्न को लग सकता है झटका!

सेविंग अकाउंट में पैसे रखते हैं तो जान लें ये बात, आपके रिटर्न को लग सकता है झटका!
ब्याज दरों में कटौती से सेविंग्स अकाउंट पर रखे पैसे पर पड़ता है असर.

हाल में RBI द्वारा नीतिगत ब्याज दरों (Policy Rates) में कटौती के बाद सभी प्रमुख बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती कर दिया है. इसके बाद अब सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज बेहद कम हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 5:37 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार ब्याज दरों में कटौती कर रहा है.​ पिछली बार RBI ने रेपो रेट में 75 आधार अंक यानी 0.75 फीसदी की कटौती किया था. RBI द्वारा ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंकों ने भी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बचत खातों पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में कटौती कर दिया है. RBI अपनी नीतियों के जरिए ये साफ करना चाहता कि बैंक अधिक से अधिक लोगों को कर्ज दें और इसके बाद आम लोग बाजार में पैसे खर्च करें ताकि अर्थव्यवस्था का पहिया तेजी से चले.

RBI द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के बाद सभी प्रमुख बैंकों ने अप्रैल महीने के शुरुआत में ब्याज दरों में कटौती करने का ऐलान कर दिया है. इसमें सरकारी क्षेत्र से लेकर प्राइवेट क्षेत्र के बैंक शामिल हैं. ICICI बैंक ने सेविंग बैंक अकाउंट पर 9 अप्रैल से मिलने वाले ब्याज में 25 आधार अंक की कटौती कर दिया है. वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी 7 अप्रैल से सेविंग्स अकाउंट पर 25 आधार अंक की कटौती कर दिया है, जिसके बाद यह 2.75 फीसदी के स्तर पर आ गया है. ऐसे में इन बैंकों के ग्राहक के तौर पर आपको यह जानना जरूरी है कि आखिर अपने सेविंग अकांउट पर वास्तवित रियल रेट आफ रिटर्न मिल रहा है?

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क्या होता है रियल रेट आफ रिटर्न?
जब आपके सेविंग्स पर महंगाई को एडजस्ट करके जो ब्याज दर मिलता है, उसे रियल रेट आफ रिटर्न कहते हैं. बैंक, पोस्ट आफिस या दूसरे वित्तीय संस्थानों द्वारा बचत या फिक्स्ड डिपॉजिट पर जो ​ब्याज मिलता है उसे नॉमिनल इंटरेस्ट रेट (Nominal Interest Rate) कहते हैं. कुल मिलाकर आपके लिए यह देखना जरूरी है कि आपके बचत पर समय के साथ महंगाई का क्या असर पड़ता है. सभी फाइनेंशियल प्लानर इस बात का विशेष ध्यान देते हैं कि बढ़ती महंगाई के साथ आपके रिटर्न पर क्या असर पड़ रहा है.

रियल रेट ऑफ रिटर्न (Real Rate of Return) निकालने के लिए फॉमुला है, जिसके आधार पर यह ​कैलकुलेट किया जाता है. यह फॉर्मुला है:

रियल रेट ऑफ रिटर्न = [(1+नॉमिनल रेट)/ (1+महंगाई)] -1

बचत खाते पर आपको कितना रियल रेट ऑफ रिटर्न मिल रहा है?

हाल ही में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने आंकड़े जारी कर जानकारी दी है कि मार्च 2020 खुदरा महंगाई दर यानी CPI 5.91 फीसदी है. इस हिसाब से हम भारतीय स्टेट बैंक के बचत खाते पर मिलने वाले और रियल रेट आफ रिटर्न को कैलकुलेट करते हैं.
>> सेविंग अकांउट पर मिलने वाला ब्याज दर: 2.75 फीसदी
>> महंगाई दर: 5.9
>> रियल रेट आफ रिटर्न: [(1+2.75)/ (1+5.91)] -1 = -2.98

इसका मतलब है कि मौजूदा महंगाई दर के आधार पर देखें तो SBI सेविंग्स अकाउंट में जो पैसे आपने रखा है, उसकी खरीद क्षमता 2.98 फीसदी सालाना की दर से घट रही है. आसान भाषा में समझें तो जिस सामान को पिछले साल आपने खरीदन के लिए आपने 100 रुपया खर्च किया था, उसे आपको खरीदने के लिए 102.98 रुपये खर्च करने होंगे.

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अब प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक यानी ICICI बैंक के सेविंग अकाउंट के आधार पर इसे कैलकुलेट करते हैं. इस बैंक में 50 लाख रुपये तक के बचत पर 3.25 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है.
>> ICICI Bank सेविग अकाउंट पर ब्याज: 3.25 फीसदी
>> महंगाई दर : 5.91 फीसदी
>> रियल रेट आफ रिटर्न: [(1+3.25)/ (1+5.91)] -1 = -2.51

इससे पता चलता है कि ICICI बैंक के सेविंग अकांउट में पैसे रखने पर उसकी खरीद क्षमता सालान 2.51 फीसदी की दर से कम हो रही है.

इमरजेंसी के लिए ही रखें सेविंग्स अकाउंट में पैसे
इन दोनों उदाहरण की मदद से समझा सकता है कि ब्याज दर घटने के बाद रियल रेट आफ रिटर्न लगातार घट रहा है. हालांकि, आपको एक बात जरूर ध्यान में रखना चाहिए कि सेविंग्स अकाउंट में ​रिटर्न कमाने के​ लिए नहीं बल्कि लिक्विडिटी के लिए पैसा रखा जाता है. ऐसे में इमरजेंसी खर्च करने लिए बचत खाते में पैसे रखना जरूरी है. फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना कि अगर बेहतर रिटर्न कमाना है तो उसे सेविंग्स अकांउट में नहीं, बल्कि किसी अन्य विकल्प के जरिए रिटर्न कमाना चाहिए.

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