59 मिनट में लोन मिल रहा है या नहीं, जानें रियलिटी

सीएनबीसी-आवाज़ की पड़ताल में ये बात सामने आई कि लोन की मंजूरी मिलने के बाद कारोबारियों को कर्ज देने में बैंक आनाकानी कर रहे हैं. आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुके सिर्फ 13 फीसदी लोगों को ही अब तक कर्ज मिल पाया है.

CNBC आवाज
Updated: November 28, 2018, 2:53 PM IST
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Updated: November 28, 2018, 2:53 PM IST
छोटे और मझौले कारोबारियों को महज 59 मिनट में 1 करोड़ रुपए तक का लोन देने का वादा जमीन पर आधा अधूरा दिख रहा है. सीएनबीसी-आवाज़ की पड़ताल में ये बात सामने आई कि लोन की मंजूरी मिलने के बाद कारोबारियों को कर्ज देने में बैंक आनाकानी कर रहे हैं. आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुके सिर्फ 13 फीसदी लोगों को ही अब तक कर्ज मिल पाया है.

प्रधानमंत्री के इस एलान के साथ ही कि अब छोटे कारोबारियों अब कर्ज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने की जरूरत नहीं होगी, एजीएस टेक एग्जिम के मैनजिंग डायरेक्टर गुरुदेव ने लोनइन 59 मिनट की वेबसाइट पर कर्ज के लिए आवेदन दिया.

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एजीएस टेक एग्जिम ऑटो, फ्रीज, क्लीन एनर्जी के लिए तकनीक मुहैया कराने वाली कंपनी है. गुरुदेव को यकीन नहीं हुआ कि महज 59 मिनट के भीतर उन्हें कर्ज की मंजूरी मिल जाएगी. लेकिन आगे जो हुआ उससे इन्हें बड़ी निराशा हाथ लगी. वे बैंक के पास गए तो बताया गया कि आपका बैलेंस शीट लॉस में है इसलिए कर्ज नहीं मिलेगा.

ऐसा सिर्फ अकेला मामला नहीं है. जब हम PSBLoansin59minutes के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर गए तो वहां ऐसे कई मामले आसानी से दिख गए. मसलन दिल्ली के दीपक राठौर कहते हैं, बैंक से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. सबाहुद्दीन खान लिखते हैं कि बैंक इस स्कीम में दिलचस्पी नहीं लेते हैं. ये अलग बात है कि जैसे ही कारोबारी कर्ज के लिए आवेदन देते हैं उन्हें करीब 1 हजार रुपये सुविधा शुल्क के नाम पर देने पड़ते हैं.

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कर्ज के लिए आवेदन की प्रोसेसिंग करने और उसकी छानबीन के बाद कारोबारी को सैद्धांतिक मंजूरी देने की जिम्मेदारी कैपिटावर्ल्ड नाम की कंपनी को दी गई है जिसे 5 बैंकों के कंर्सोसियम ने मिलकर बनाया है. इसकी अगुवाई सिडबी करता है जिसकी कुल हिस्सेदारी करीब 56 फीसदी है. हालांकि इस कंपनी से मिलने वाली सैद्धांतिक मंजूरी का मतलब कर्ज मिलना नहीं है.
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