रियल एस्टेट कंपनियों ने मॉनेटरी पॉलिसी का स्वागत किया, हाउसिंग सेक्टर के लिए और उपायों का आग्रह

टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि. के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजय दत्त ने कहा कि यह लगातार पांचवीं बार है जब रेपो में बदलाव नहीं करते हुए रुख को नरम बनाए रखा गया है.

टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि. के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजय दत्त ने कहा कि यह लगातार पांचवीं बार है जब रेपो में बदलाव नहीं करते हुए रुख को नरम बनाए रखा गया है.

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 4 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया.

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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. वहीं, रियल एस्टेट कंपनियों ने बुधवार को आरबीआई के नीतिगत दर को यथावत रखने और राष्ट्रीय आवास बैंक (National Housing Bank) को 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने के फैसले की सराहना की. हालांकि इंडस्ट्री ने यह भी कहा कि आरबीआई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नकदी संकट से जूझ रही रियल एस्टेट कंपनियों के लिए फंड उपलब्ध हो.

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 4 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया. रियल एस्टेट कंपनियों का शीर्ष संगठन क्रेडाई (CREDAI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन पटोदिया ने कहा, ''आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और नरम रुख को बरकरार रखा है. आरबीआई गवर्नर ने पर्याप्त नकदी सुनिश्चित कर कर्ज सुलभ कराने तथा एनएचबी को 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने की घोषणा की है. इसका लाभ रियल एस्टेट क्षेत्र को मिलना चाहिए जो परियोजनाओं के लिये कोष को लेकर परेशान है.''

रियल एस्टेट क्षेत्र के पुनरूद्धार में मदद मिलेगी
सीबीआरई इंडिया के चेयरमैन और सीईओ (दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा कि आरबीआई ने मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के साथ आर्थिक पुनरूद्धार सुनिश्चत करने के उद्देश्य के साथ यह निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि आरबीआई ने एनएचबी को 10,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने समेत वित्तीय संस्थानों के लिये विशेष नकदी सुविधाओं की घोषणा की है. इन उपायों से रियल एस्टेट क्षेत्र के पुनरूद्धार में मदद मिलेगी.
नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ''आरबीआई ने रेपो दर को बरकरार रखा है. यह कर्ज की गति बनाए रखने का संकेत है. साथ ही वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 10.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है जो यह बताता है कि भारत में आर्थिक पुनरूद्धार बेहतर है.''



लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं
टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि. के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजय दत्त ने कहा कि यह लगातार पांचवीं बार है जब रेपो में बदलाव नहीं करते हुए रुख को नरम बनाए रखा गया है. यह निश्चित रूप से दीर्घकाल में क्षेत्र के पुनरूद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

नाइट फ्रैंक इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री और राष्ट्रीय निदेशक रजनी सिन्हा ने कहा, ''रिजर्व बैंक के आवास क्षेत्र को कर्ज सुविधा बढ़ानेवाले कदम आत्मविश्वसा बढ़ाने वाले हैं.'' उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने राष्ट्रीय आवास बैंक को वित्तीय सहायता देकर उसके जरिए आवस क्षेत्र के लिए धन का प्रवाह बढ़ाने का उपाय किया है. इसी तरह होम लोन देने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को बैंकों से मिलने वाले कर्ज को प्राथमिकता क्षेत्र के कर्ज की परिभाषा में रखने की अवधि बढ़ाने का निर्णय भी किया गया है. इससे संकट के इस दौर में रियल एस्टेट क्षेत्र को सहारा मिलेगा.

और उपाय किए जाने की जरूरत
गौड़ समूह के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ ने आरबीआई की घोषणाओं का स्वागत किया लेकिन कहा कि क्षेत्र को पटरी पर लाने के लिए और उपाय किए जाने की जरूरत है.

हाउसिंग डॉट कॉम और प्रोप टाइगर के सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई का निर्णय उम्मीद के अनुरूप है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि बैंक आरबीआई के नीतिगत दर को यथावत रखने के कदम को समझेंगे और मकान खरीदारों को निम्न ब्याज दर पर कर्ज देना जारी रखेंगे.
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