आ रहा एक और कमाई का मौका! बिरयानी और पिज्जा परोसने वाली ये कंपनी लाएगी IPO, जानें सबकुछ

IPO

IPO

Rebel Foods IPO: अगर आप आईपीओ (IPO) से कमाई करना चाहते हैं तो आपको आने वाले दिनों में एक और शानदार मौका मिलेगा.

  • Share this:

नई दिल्ली. अगर आप आईपीओ (IPO) से कमाई करना चाहते हैं तो आपको आने वाले दिनों में एक और शानदार मौका मिलेगा. दरअसल, बेहरोज बिरयानी, मेंडारिन ओक, ओवनस्टोरी पिज्जा और फासोस जैसे क्लाउड किचन ब्रैंड संचालित करने वाली रिबेल फूड्स (Rebel Foods IPO) अपना आईपीओ लेकर आ रही है. मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, कंपनी अगले 18-24 महीने में कैपिटल मार्केट में कदम रखने की तैयारी है. कंपनी की योजना एशिया और मध्य पूर्व के नए बाजारों में भी प्रवेश करने की भी है. यह जानकारी कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ जयदीप बर्मन (Jaydeep Barman) ने दी है.

जानें क्या है रिबेल फूड्स का कारोबार?

रिबेल फूड्स की स्थापना Jaydeep Barman और Kallol Banerjee ने फासोस के नाम से की थी. जो एक क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन है. शुरुआत में ये ऑनलाइन कबाब रोल बेचा करता था.ऑनलाइन डिलीवरी की मांग को देखते हुए कंपनी ने अपना बिजनेस मॉडल पूरी तरह से बदल दिया और 2016 में यह क्लाउड किचन ओनली (cloud-kitchen only) के रुप में ट्रांसफॉर्म हो गई और कंपनी ने अपने सारे आउटलेंट बंद कर दिए.

ये भी पढ़ें- देशभर में खुलेंगे 1 लाख LPG डिलिवरी सेंटर, आपको मिलेंगे कमाई के मौके, जानिए कैसे?
भारत की सबसे बड़ी इंटरनेट रेस्ट्रॉन्ट कंपनी

वर्तमान में रिबेल फूड भारत की सबसे बड़ी इंटरनेट रेस्ट्रॉन्ट कंपनियों में है. कंपनी के पास एक दर्जन से ज्यादा ब्रॉड है. कंपनी अपने खुद के ऐप के अलावा Zomato और Swiggy के जरिए बिरयानी से लेकर चाइनीज, पिज्जा, रैप्स और डेजर्ट की बिक्री करती है. कंपनी में Sequoia Capital India, Lightbox ventures, Coatue, Goldman Sachs, Gojek, और Uber के फाउंडर Travis Kalanick ने निवेश कर रखा है. 2020 में हुए सबसे ताजे राउंड के फंडिंग में कंपनी का वैल्यूएशन 80 करोड़ डॉलर किया गया था.

ये भी पढ़ें- Post Office की इस स्कीम में जमा करें ₹5 हजार मिलेंगे एकसाथ 7.25 लाख रुपये, जानिए कैसे?



NYSE-Nasdaq पर घरेलू बाजार में लिस्टिंग

मनीकंट्रोल के साथ हुई बतचीत में Jaydeep Barman ने कहा कि अगले राउंड की फंडिंग में रिबेल फूड्स यूनिकॉर्न क्लब (एक ऐसी प्राइवेटली फंडेड फर्म जिसका वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा हो) में शामिल हो जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि हम 18 महीने में आईपीओ लाने में फोकस कर रहे हैं. अभी इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. इसके अलावा हम सीधे विदेशी बाजार में लिस्टिंग पर सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। एक बार स्थितियां साफ हो जाने के बाद NYSE और Nasdaq पर अपनी लिस्टिंग करवाएंगे. भारत में भी लिस्टिंग की हमारी योजना है ही.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज