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नोमुरा का अनुमान: अभी नहीं थमेगी रुपये में गिरावट, रिकॉर्ड स्‍तर पर बना रहेगा व्‍यापार घाटा

भारत का चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़कर जीडीपी के 3.3 फीसदी तक पहुंच सकता है.

भारत का चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़कर जीडीपी के 3.3 फीसदी तक पहुंच सकता है.

नोमुरा (Nomura) एनालिस्‍ट्स का मानना है कि चालू खाता घाटे में बढ़ोतरी और विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की भारी बिकवाली का असर रुपये की कीमत (Rupee Price) पर पड़ता रहेगा. व्‍यापार घाटा (Trade Deficit) भी सितंबर तिमाही तक रिकॉर्ड स्‍तर पर ही रहेगा.

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नई दिल्‍ली. जापानी ब्रोकिंग फर्म नोमुरा (Nomura) का कहना है कि वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में भारत का व्‍यापार घाटा (Trade Deficit) रिकॉर्ड स्‍तर पर बना रहेगा. यही नहीं, रुपये में अभी और गिरावट आएगी. यह गिरकर 82 के स्‍तर पर जा सकता है. नोमुरा का अनुमान है कि भारत का चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़कर जीडीपी के 3.3 फीसदी तक पहुंच सकता है. वित्त वर्ष 2022 में यह जीडीपी का 1.2 फीसदी था.

मनीकंट्रोल डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नोमुरा एनालिस्‍ट का मानना है कि चालू खाता घाटे में बढ़ोतरी के पीछे क्रूड ऑयल उत्‍पादन में हालिया टैक्‍स नीति जैसे कई कारकों का हाथ है. नोमुरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि जून में भारत का मर्चेंडाइज व्‍यापार घाटा बढ़कर 25.6 अरब डॉलर के स्‍तर पर पहुंच गया. मई में देश का व्यापार घाटा 24.3 अरब डॉलर रहा था.

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एक्‍सपोर्ट पड़ा धीमा
जून में एक्सपोर्ट की वार्षिक ग्रोथ 16.8 फीसदी रही, जो मई में 20.6 फीसदी थी. वहीं आयात में जून में करीब 51 फीसदी उछाल आया. व्यापार घाटे में बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह वैश्विक स्‍तर पर कमोडिटी की कीमतों में आया उछाल है.  इससे एनर्जी और मेटल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.

रुपया 82 का छू सकता है स्‍तर
नोमुरा एनालिस्‍ट्स का मानना है कि चालू खाता घाटा में बढ़ोतरी और विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की भारी बिकवाली का असर रुपये की की कीमत पर पड़ता रहेगा. सितंबर तिमाही में रुपया डॉलर के मुकाबले 82 रुपये के स्तर तक जा सकता है. वहीं दिसंबर तिमाही में इसके थोड़ा बढ़कर 81 रुपये के स्तर तक रहने का अनुमान है. विदेशी निवेशकों (FPI) ने इस साल अब तक भारत से करीब 28.9 अरब डॉलर की निकासी की है.

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नोमुरा का कहना है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक की तरफ से मॉनिटरी पॉलिसी में सख्ती से भी डॉलर में मजबूती दिखेगी और इसके चलते अमेरिका में चौथी तिमाही में मंदी भी आ सकती है. नोमुरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि- ‘RBI ने मंहगाई दर को 4 फीसदी पर रखने का लक्ष्य रखा है और इसे लेकर RBI के रुख पर हम चिंतित हैं और हमारा मानना है कि यह विदेशी निवेशकों को घरेलू बॉन्ड में निवेश करने से हतोत्साहित कर सकता है.’

Tags: Business news, Business news in hindi, Import-Export, Indian economy

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