बड़ी खबर- नई कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सात साल की ऊंचाई पर पहुंचा, जानिए क्या है इसका मतलब

बड़ी खबर- नई कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सात साल की ऊंचाई पर पहुंचा, जानिए क्या है इसका मतलब
कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सात साल की ऊंचाई पर

भारत में कोरोनावायरस (Coronaivurs Pandemic) के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के बाद जब अनलॉक शुरू हो चुका है, देश में जुलाई महीने में नई कंपनी बनाने की स्पीड काफी बढ़ गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 7:56 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कारोबारी सेंटीमेंट (Business Sentiments) बेहतर हो रहे है. इसके संकेत हाल में आए कंपनी रेजिस्ट्रेशन (New Company Registration) के आंकड़ों से लगाए जा रहे है. भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ जुलाई महीने में 1 दिन में 530 कंपनियों का गठन हुआ है. इस हिसाब से अगर पूरे महीने की बात करें तो जुलाई 2020 में 16,487 कंपनियां बनी है. आपको बता दें कि भारत सरकार के नए प्रावधानों के हिसाब से अब कंपनी बनाने में सिर्फ 1 दिन का समय लगता है, अगर आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हो. यह वास्तव में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के अनुरूप ही है. हर साल कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के पास कम से कम 1,20,000 कंपनियां रजिस्टर्ड होती हैं.

 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सात साल की ऊंचाई पर- अगर एक साल पहले की अवधि की तुलना में बात करें तो यह संख्या 50 फीसदी से भी ज्यादा है. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अगस्त में भी नई कंपनी रजिस्ट्रेशन करने के आवेदन में काफी वृद्धि देखी गई है.

अप्रैल 2020 में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में 3209 कंपनियां बनाने के लिए आवेदन जमा हुए थे. इसके बाद जून में यह संख्या करीब 11000 पर पहुंच गई.



मई में नई कंपनी बनाने के लिए 4835 आवेदन हुए थे. वास्तव में ऑनलाइन नाम रिजर्वेशन और कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए नए प्रावधान आने के बाद इनकी संख्या में तेजी दर्ज की गई है.
अप्रैल और मई में बैकलॉग होने की वजह से भी जून में नई कंपनी बनाने के आवेदनों की संख्या में वृद्धि देखी गई है. अगस्त के महीने में भी नई कंपनी बनाने के लिए आवेदनों की संख्या बढ़ी है. इनमें सिर्फ कंपनियां ही शामिल नहीं है, बल्कि लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) फर्म भी शामिल हैं.

साल 2014 से ही इनकी संख्या में तेज वृद्धि हुई है. इससे पहले साल में नई कंपनी बनाने की कुल संख्या 64,500 के करीब थी. हालांकि एक अधिकारी का कहना है कि भारत को फाइव ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी बनाने के लिए जरूरी है कि नई कंपनी बनाने की संख्या मौजूदा तुलना में दोगुनी हो जाए.

(ये खबर मनीकंट्रोल से ली गई है. अंग्रेजी में खबर पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें)
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