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Fixed Deposit के जरिए भी होगी रेगुलर इनकम, बस अपनाएं ये ट्रिक

एफडी के जरिए भी रेगुलर इनकम हो सकती है.

एफडी के जरिए भी रेगुलर इनकम हो सकती है.

Fixed Deposit (FD) के जरिए रगुलर कमाई करने के लिए लैडरिंग टेक्नीक अपनाना फायदेमंद हो सकता है. इसके जरिए एक तयशुदा रेगुलर अवधि पर आपके पास प​र्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध होगी. इसके कई दूसरे फायदे भी होते हैं.

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    नई दिल्ली. फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixde Deposit) को सबसे सहूलियत भरा निवेश विकल्प माना जाता है, खासतौर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए. लेकिन, मौजूदा समय में एफडी पर ब्याज दरों (FD Rates) की बात करें तो पता चलता है कि अधिकतर निवेशक कॉरपोरेट या कंपनी एफडी (Company FD) में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं. उच्च कमाई करने वाले निवेशकों में कंपनी एफडी बचत करने का एक पॉपुलर निवेश विकल्प है. यह उन लोगों के लिए मुफीद माना जाता है जो ज्यादा रिटर्न के लिए जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं. एफडी के ज​रिए जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है. आमतौर पर रिटायर्ड लोग ही इस विकल्प का लाभ उठाते हैं.

    बैंक/कॉरपोरेट एफडी लैडरिंग टेक्नीक
    बैंक एफडी लैडरिंग (FD Laddering) एक तरह की टेक्नीक होती है, जिसमें अलग-अलग अवधि के लिए कई एफडी​ कराए जाते हैं. लिक्वि​डिटी मैनेज करने का यह एक बेहतर तरीका माना जाता है. इसके लिए आपको छोटे-छोटे निवेश के लिए एक लम्प-सम अमाउंट तय करनी होती है. इसके बाद इन्हें अलग-अलग अवधि के लिए निवेश कर दिया जाता है.

    कैसे मिलता है लैडरिंग का फायदा?
    मान लीजिए, आप किसी बैंक या कॉरपोरेट एफडी में कुल 7 लाख रुपये जमा कराना चाहते हैं. ऐसे में, 7 लाख रुपये के केवल एक ही एफडी की जगह आप इसे छोटे-छोट एफडी में बांट लें और इसे अलग-अलग मैच्योरिटी के लिए निवेश कर दें. अगर आप इसे 1-1 लाख रुपये के सात एफडी में बांटते हैं और हर एफडी को क्रमश: 1, 2, 3, 4, 5, 6, और 7 साल के लिए निवेश करते हैं तो हर साल आपकी एक एफडी मैच्योर होगी. इस तरह आपके पास पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध रहेगी. अगर एफडी मैच्योर होने के बाद आपको पैसों की जरूरत नहीं है तो इसे एक बार फिर से निवेश कर सकते हैं.

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    दूसरी बार निवेश करते समय एफडी को 5 साल के लिए निवेश करें. इस प्रकार आप एफडी की एक चेन बना पाएंगे, जिससे उचित समय पर आपके पास पर्याप्त पैसा होगा और इस प्रकार आप अपने लिक्विडिटी की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे. आप यह लैडरिंग अपने सुविधा और भविष्य में संभावी जरूरतों के आधार पर डिजाइन कर सकते हैं. एफडी लैडरिंग में ब्याज की कमाई औसतन होती है

    कॉरपोरेट एफडी में सिस्टेमैटिक डिपॉजिट प्लान
    AAA रेटेड कॉरपोरेट एफडी पर बैंकों की एफडी से करीब 1 से 2 फीसदी ज्यादा ब्याज मिलता है. इनमें से कुछ एफडी पर सिस्टेमैटिक डिपॉजिट प्लान की भी सुविधा मिलती है. इसमें आप हर महीने एक छोटी रकम डिपॉजिट कर सकते हैं. आपके पास यह ​भी विकल्प होगा कि मैच्योरिटी के बाद की रकम को एक ही बार निकालें या अलग-अलग हिस्सों में निकालें.

    उदाहरण के तौर पर देखें तो बजाज फाइनेंस एफडी पर एसडीपी की सुविधा मिलती है, जहां आप 6 से 48 डिपॉजिट्स कर सकते हैं. आप इसकी जो अवधि चुनते हैं वो सभी डिपॉजिट पर लागू होती है. इन सभी डिपॉजिट्स पर मैच्योरिटी की तारीख अलग-अलग होती है. यह डिपॉजिट आपके द्वारा चुने गए अवधि के आधार पर मैच्योर होती है. इस प्रकार भी आप रेगुलर इनकम प्राप्त कर सकते हैं.

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    जोखिम का भी ध्यान रखें
    लेकिन, आपको कॉरपोरेट एफडी में जोखिम के बारे में भी सोचना चाहिए. हालांकि, AAA कंपनी एफडी उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें आपकी पूंजी की सुरक्षा को लेकर कोई गारंटी नहीं होती है. बैंकों में किए गए एफडी पर पूंजी की सुरक्षा जरूर मिलती है. कॉरपोरेट एफडी पर इनकम टैक्स देय इनकम टैक्स स्लैब के आधार पर लागू होता है.

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