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  • Reliance Foundation की बड़ी पहल! वीमेन टेक्‍नोलॉजी एम्‍पावरमेंट के लिए 10 संगठनों को देगा 8.5 करोड़ रुपये की ग्रांट

Reliance Foundation की बड़ी पहल! वीमेन टेक्‍नोलॉजी एम्‍पावरमेंट के लिए 10 संगठनों को देगा 8.5 करोड़ रुपये की ग्रांट

रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर व चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाना हमारा मिशन रहा है.

रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर व चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाना हमारा मिशन रहा है.

रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) ने वीमेन कनेक्ट चैलेंज इंडिया ग्रांट (Women Connect Challenge Grant) हासिल करने वाले संगठनों के नामों की घोषणा कर दी है. ग्रांट पाने वाले संगठन 17 राज्यों में काम करेंगे और 3 लाख महिलाओं और लड़कियों तक पहुंचेंगे.

  • News18Hindi
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    मुंबई. रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) और यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) की ओर से शुरू किए गए वीमेन कनेक्ट चैलेंज इंडिया के जरिये पूरे देश में 10 संगठनों को ग्रांट के लिए चुना गया है. इस पहल के जरिये लैंगिक डिजिटल विभाजन को दूर करने में मदद करने के लिए 11 करोड़ रुपये (15 लाख डॉलर से अधिक) का निवेश किया गया है. इसमें से रिलायंस फाउंडेशन ने विभिन्‍न समस्याओं के इनोवेटिव सॉल्‍यूशन तैयार करने की परियोजनाओं के लिए 8.5 करोड़ रुपये (11 लाख डॉलर से अधिक) का समर्थन किया है. इस प्रयास के तहत 17 राज्यों में 3 लाख से अधिक महिलाएं और लड़कियां लैंगिक डिजिटल विभाजन को दूर करने तथा टेक्‍नोलॉजी के जरिये महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाने की पहल से जुड़ेंगी.

    ‘महिलाओं को सक्षम बनाना हमारा मिशन’ 
    रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर व चेयरपर्सन नीता अंबानी ने चुने गए संगठनों की घोषणा के मौके पर कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं को सक्षम और सशक्त बनाना हमारा मिशन है. जब हमने जियो (Jio) लॉन्च किया तो डिजिटल रेवोल्यूशन की कल्पना की थी, जो सभी के लिए समान अवसर उपलब्‍ध कराए. जियो के जरिये हम देश के हर हिस्से में मौजूद लोगों को सबसे सस्ती कनेक्टिविटी उपलब्‍ध करा रहे हैं. रिलायंस फाउंडेशन भारत में लैंगिक डिजिटल अंतर को पाटने की दिशा में यूएसएड के साथ साझेदारी में भी काम कर रहा है. असमानता को दूर करने का शक्तिशाली साधन प्रौद्योगिकी है. मैं परिवर्तन की इस यात्रा पर वीमेन कनेक्ट चैलेंज इंडिया के 10 विजेताओं को बधाई देती हूं.

    किन संगठनों को हासिल हुई है ग्रांट  
    ग्रांट हासिल करने वाले संगठनों में अनुदीप फाउंडेशन, बेयरफुट कॉलेज इंटरनेशनल, सेंटर फॉर यूथ एंड सोशल डेवलपमेंट, फ्रेंड्स ऑफ विमेन वर्ल्ड बैंकिंग, नंदी फाउंडेशन, डेवलपमेंट एक्शन के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस, सोसाइटी फॉर डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स, सॉलिडेरिडाड रीजनल एक्सपर्टाइज सेंटर, टीएनएस इंडिया फाउंडेशन और जेडएमक्यू डेवलपमेंट शामिल हैं. समाधान महिला किसानों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को लैंगिक डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं को दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को बल देते हैं.

    ग्रांट के लिए मिले थे 180 से ज्‍यादा आवेदन
    वीमेन कनेक्ट चैलेंज इंडिया को अगस्त 2020 में लॉन्च किया गया था. इसमें 180 से अधिक आवेदनों के पूल से 10 संगठनों को 12 से 15 महीनों की अवधि के लिए 75 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच अनुदान के लिए चुना गया था. जनवरी 2021 में यूएसएड और रिलायंस फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से एक सॉल्वर सिम्पोजियम की मेजबानी की. इसमें भारत में लैंगिक डिजिटल विभाजन पर विचार-मंथन करते हुए क्षमता निर्माण के लिए सेमी-फाइनलिस्ट और बाहरी विशेषज्ञों को एकसाथ लाया गया.

    तेजी से घटेगा लैंगिक डिजिटल विभाजन
    महिलाओं में हर साल मोबाइल इंटरनेट के प्रति जागरूकता बढ़ रही है. भारत में 2017 के दौरान 19 फीसदी महिलाएं ही मोबाइल इंटरनेट के बारे में जानती थीं. इसके बाद 2020 में यह 53 फीसदी हो गया. स्वामित्व के मामले में 79 फीसदी पुरुषों की तुलना में 67 फीसदी महिलाओं के पास मोबाइल फोन है. वर्षों से रिलायंस फाउंडेशन की पहल का उद्देश्य डिजिटल विभाजन को दूर करना रहा है. रिलायंस जियो के जरिये 1.3 अरब से ज्‍यादा भारतीयों ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक संपूर्ण डिजिटल क्रांति देखी है. इसने सभी के जीवन को बदल दिया है. आज जियो भारत में सबसे बड़ी डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है और 12 करोड़ महिला जियो ग्राहकों के साथ दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए यह संख्या तेजी से बढ़ रही है.

    वीमेन कनेक्ट चैलेंज महिलाओं की पहुंच और प्रौद्योगिकी के उपयोग के तरीकों को सार्थक रूप से बदलकर रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं की भागीदारी को बेहतर बनाने के समाधान के लिए एक वैश्विक आह्वान है. यूएसएड ने भारत में लैंगिक डिजिटल विभाजन को बंद करने वाले नए दृष्टिकोणों का समर्थन करने के लिए रिलायंस फाउंडेशन के साथ भागीदारी की है. साथ ही नए अनुदान प्राप्त करने वाली महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए पिछले वीमेन कनेक्ट राउंड से प्रमाणित रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया है.

    **(डिस्केलमर- न्यूज18 हिंदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)

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