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Jio ने टेलीकॉम मंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- कंपनियों को बेलआउट पैकेज की जरूरत नहीं

News18Hindi
Updated: October 31, 2019, 4:03 PM IST
Jio ने टेलीकॉम मंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- कंपनियों को बेलआउट पैकेज की जरूरत नहीं
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों से पेनल्टी की रकम वसूली जाए

जियो ने टेलीकॉम मंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) टेलीकॉम इंडस्ट्री का प्रतिनिधि नहीं है. COAI की मांग को खारिज किया जाए.

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  • Last Updated: October 31, 2019, 4:03 PM IST
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नई दिल्ली. टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने टेलीकॉम मंत्री (Telecom Minister) रविशंकर प्रसाद को चिट्ठी लिखकर कहा है कि टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) को बेल आउट पैकेज (Bailout Package) की जरूरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों से पेनल्टी की रकम वसूली जाए. संपत्ति बेचकर और इक्विटी से भी बकाया चुकाया जा सकता है.

COAI टेलीकॉम इंडस्ट्री का प्रतिनिधि नहीं
जियो ने टेलीकॉम मंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) टेलीकॉम इंडस्ट्री का प्रतिनिधि नहीं है. COAI की मांग को खारिज किया जाए. COAI धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है. COAI मात्र दो ऑपरेटर्स का हित देख रहा है.

वसूली जाए पेनाल्टी की रकम

जियो ने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कंपनियों ने पेनल्टी की रकम वसूली जाए. टेलीकॉम कंपनियों की राहत को सुप्रीमकोर्ट के आदेश ने नहीं जोड़ा जाए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (ने एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) मामले में दूरसंचार विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी टेलीकॉम कंपनियों से 92 हजार करोड़ वसूलने की इज़ाजत दी.



इसके अलावा जियो ने कहा कि सरकार न्यू डिजिटल कम्यूनिकेशन पॉलिसी से जुड़ी राहत कंपनियों को दे. सरकार टेलीकॉम सेक्टर में GST क्रेडिट को सही करे.
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Jio का COAI पर आरोप
जियो ने सीओएआई द्वारा DoT को लिखे गए पत्र पर जवाब देते हुए कहा था कि सेक्टर में किसी भी प्रकार की क्राइसिस नहीं है. जियो ने कहा है कि डीओटी को लिखी चिट्ठी में हमारी राय को शामिल नहीं किया गया है. जियो ने कहा है कि डीओटी को लिखी चिट्ठी में हमारी राय को शामिल नहीं किया गया है.

जियो ने सीओएआई को लिखे पत्र में साफ किया है कि जियो के प्रति ऑर्गेनाइजेशन (सीओएआई) का ये व्यवहार साबित करता है कि सीओएआई एक इंडस्ट्री ऑर्गेनाइजेशन नहीं है, बल्कि वो दो प्रमुख टेलीकॉम कंपनी का मुख पत्र है. आपको बता दें कि जियो ने COAI द्वारा दूरसंचार विभाग को भेजे गए पत्र में लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है.

(असीम मनचंदा, संवाददाता- CNBC आवाज़)

(डिस्क्लेमर: हिंदी न्यूज़ 18 डॉट कॉम रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)

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First published: October 31, 2019, 3:37 PM IST
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