रिलायंस का मिशन ऑक्सीजन: मुकेश और नीता अंबानी ने संभाली कमान, 24 टैंकर्स किए गए एयरलिफ्ट

अब तक 55,000 MT मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की फ्री सप्लाई

अब तक 55,000 MT मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की फ्री सप्लाई

बहुत ही कम वक्त में रिलायंस ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन शून्य से 1000 MT तक बढ़ा दिया है. इतनी ऑक्सीजन से हर दिन औसतन 1 लाख रोगी सांस ले सकेंगे. अप्रैल माह में रिलायंस 15,000 MT और महामारी की शुरूआत से अब तक 55,000 MT मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की फ्री सप्लाई कर चुका है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर ने जिस तरह से पूरे देश को चपेट में ले लिया है. ऑक्सीजन(Oxygen) की कमी से कई जिदंगियां या तो खत्म हो गई या कई अभी भी जूझ रही है. ऐसे में अपने सामाजिक कर्तव्यों का बड़ा उदाहरण पेश करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) ने मिशन ऑक्सीजन (Mission Oxygen) शुरू किया है. बड़ी बात यह है कि खुद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन और संस्थापक नीता अंबानी ने इसकी कमान संभाली है जिससे देश के उन राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया जहां इसकी जरूरत सबसे ज्यादा है वो भी मुफ्त. रिलायंस ने ऑक्सीजन की सप्लाई चेन को पुख्ता करने के लिए सऊदी अरब, जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैंड और थाईलैंड से 24 ऑक्सीजन टैंकर्स एयरलिफ्ट किए. देश में लिक्विड ऑक्सीजन की कुल परिवहन क्षमता में इससे 500 MT का इजाफा हुआ है.

प्रतिदिन 1000 MT से अधिक मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर तेल रिफाइनरी में प्रतिदिन 1000 MT से अधिक मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है. यह ऑक्सीजन कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को मुफ्त में दी जा रही है. रिलायंस आज भारत की करीब 11% मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन अकेले कर रहा है और हर दस में से 1 रोगी को ऑक्सीजन दी जा रही है.

इस रणनीति पर चल रहा है काम
रिलायंस के मिशन ऑक्सीजन की निगरानी खुद मुकेश अंबानी कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में रिलायंस दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है. पहला रिलायंस की जामनगर स्थित रिफाइनरी के बहुत से प्रोसेस में बदलाव कर ज्यादा से ज्यादा जीवनदायी ऑक्सीजन का निर्माण करना और दूसरा लोडिंग और परिवहन क्षमताओं को बढ़ाना ताकि इसे जरूरतमंद राज्यों तक ऑक्सीजन को सुरक्षित पहुंचाया जा सके.



जहां पेट्रोलियम उत्पाद होते थे तैयार, आज ऑक्सीजन का उत्पादन



रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में कच्चे तेल से डीजल, पेट्रोल, और जेट ईंधन जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं, यहां मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पाद नहीं किया जाता था. लेकिन कोरोनोवायरस के मामलों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है और ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है, उसको देखते हुए रिलायंस ने अपने प्रोसेस में बदलाव कर मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर दिया.

अब तक 55,000 MT मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की फ्री सप्लाई

बहुत ही कम वक्त में रिलायंस ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन शून्य से 1000 MT तक बढ़ा दिया है.इतनी ऑक्सीजन से हर दिन औसतन 1 लाख रोगी सांस ले सकेंगे. अप्रैल माह में रिलायंस 15,000 MT और महामारी की शुरूआत से अब तक 55,000 MT मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की फ्री सप्लाई कर चुका है.

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नाइट्रोजन टैंकर्स को ऑक्सीजन टैंकर्स में बदल दिया, 24 ऑक्सीजन टैंकर्स एयरलिफ्ट किए

देश में ऑक्सीजन की लोडिंग और सप्लाई एक बड़ी बाधा बनकर उभरी है. रिलायंस के इंजीनियर्स ने इसका हल नाइट्रोजन टैंकर्स को ऑक्सीजन टैंकर्स में बदल कर खोज निकाला. इसके अलावा रिलायंस ने ऑक्सीजन की सप्लाई चेन को पुख्ता करने के लिए सऊदी अरब, जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैंड और थाईलैंड से 24 ऑक्सीजन टैंकर्स एयरलिफ्ट किए. देश में लिक्विड ऑक्सीजन की कुल परिवहन क्षमता में इससे 500 MT का इजाफा हुआ है.

भारतीय वायुसेना का भी मिल रहा है साथ

रिलायंस के इस मिशन ऑक्सीजन के तहत टैंकर्स को एयरलिफ्ट करने में भारतीय वायुसेना का भी भरपूर सहयोग रहा. वहीं रिलायंस के पार्टनर्स सऊदी अरामको और बीपी ने ऑक्सीजन टैंकर्स की अधिग्रहण में मदद की. रिलायंस ने भारतीय वायुसेना और सहयोगी कंपनियों का आभार जताया है.

Mission Oxygen 1-2
Mission Oxygen


इस वक्त जीवन बचाने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है: मुकेश अंबानी

रिलायंस की पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि “जब भारत कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ रहा है तब मेरे लिए और रिलायंस में हम सभी के लिए, जीवन बचाने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है. भारत में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन के उत्पादन और परिवहन क्षमताओं को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है. मुझे जामनगर के अपने इंजीनियरों पर गर्व है जिन्होंने देशभक्ति की भावना के साथ, इस नई चुनौती को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया है. मैं वास्तव में रिलायंस परिवार के युवाओं द्वारा दिखाए गए दृढ़ संकल्प का कायल हूं, वे उस वक्त डट कर खड़े रहे जब भारत को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी.

देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है, हम हर संभव कोशिश करेंगे: नीता अंबानी

एक बयान में रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि “हमारा देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है. रिलायंस फाउंडेशन में हम मदद की हर संभव कोशिश करेंगे. हर जीवन अनमोल है. हमारी जामनगर रिफाइनरी और प्लांट्स को रातोंरात बदल दिया गया है ताकि भारत में मेडिकल ग्रेड लिक्विड ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सके. हमारी प्रार्थनाएं देशवासियों और महिलाओं के साथ हैं. साथ मिलकर, हम इन कठिन समय को पार कर लेंगे.

(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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