14 साल पहले रिलायंस ने रखा था रिटेल कारोबार में कदम, जानिए कैसा रहा सफर

14 साल पहले रिलायंस ने रखा था रिटेल कारोबार में कदम, जानिए कैसा रहा सफर
देश के संगठित रिटेल कारोबार में रिलायंस ने 2006 में कदम रखा था

RIL ने देश के रिटेल कारोबार में सबसे पहले 2006 में कदम रखा था. इसके बाद कंपनी कई सेग्मेंट और ई-कॉमर्स में भी उतर चुकी है. अब रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप (Future Group) के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और होलसेल बिजनेस के अधिग्रहण की घोषणा की है.

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  • Last Updated: September 1, 2020, 1:15 PM IST
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नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने देश के रिटेल कारोबार में सबसे बड़ा डील करते हुए फ्यूचर ग्रुप (Future Group) के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनेस के अधिग्रहण का ऐलान कर दिया है. इस डील के बाद अब RIL  को देश की ग्रोसरी और अपैरल सेग्मेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी. आइए जानते हैं कि कभी पेट्रोकेमिकल और ऑयल एंड गैस बिजनेस पर विशेषतौर से फोकस करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब कंज्यूमर बिजनेस में कैसे पकड़ बना रही है.

कैसे शुरू हुआ रिलायंस रिटेल?
देश के संगठित रिटेल कारोबार में रिलायंस ने 2006 में कदम रखा था. सबसे पहले इस कंपनी ने हैदाराबद में रिलायंस फ्रेश स्टोर खोला था. कंपनी का आइडिया था कि वो नजदीकी बाजार से ग्राहकों को ग्रोसरीज और सब्जियां उपलब्ध कराए. 25,000 करोड़ रुपये की शुरुआत से कंपनी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मेसी और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराना शुरू किया. इसके बाद कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और कैश एंड कैरी बिजनेस में भी कदम रख. इलेक्ट्रॉनिक रिटेल चेन को कंपनी ने 2007 में लॉन्च किया था. इसके बाद 2008 और 2011 में रिलायंस ने फैशन और होलसेल बिजनेस में रिलायंस ट्रेंड्स और रिलायंस मार्केट के जरिए कदम रखा. 2011 तक रिलायंस रिटेल की सेल्स के जरिए कमाई 1 अरब डॉलर के पार पहुंच गई थी.

कैसे आगे बढ़ी यह कंपनी?
2014 में रेवेन्यू के मामले में फ्यूचर ग्रुप को पीछे छोड़ते हुए रिलायंस रिटेल देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन गई. मार्च 2014 में ​फ्यूचर ग्रुप का कुल सालाना रेवेन्य करीब 13,666 करोड़ रुपये था. जबकि, इसी दौरान रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 14,496 करोड़ रुपये था.



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करीब इसी समय के दौरान, रिलायंस ने ई-कॉमर्स बाजार में भी उतरने का फैसला लिया है. कंपनी ने reliancefreshdirect.com नाम से ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर खोला ताकि मुंबई में ग्रोसरीज डिलीवर की जा सके. 2016 में ajio.com के लॉन्च के साथ इस कंपनी ने ई-कॉमर्स बाजार में पूरी तरफ से उतरने का फैसला किया. ये वो समय था जब देश में ऑनलाइन कॉमर्स बाजार तेजी से पॉपुलर हो रहा था. कई विदेशी कंपनियां लाखों डॉलर भारतीय बाजार में लगा रही थी.

रिलायंस केवल इकलौती ऑफलाइन स्टोर नहीं थी, जिसकी नजर ई-कॉमर्स मार्केट पर थी. आदित्य बिड़ला ग्रुप ने abof.com नाम से फैशन पोर्टल लॉन्च किया था. शॉपर्स स्टॉप ने स्नैपडील के साथ टाइअप किया था. ये सभी कंपनियां मिंत्रा व अन्य को टक्कर दे रही थीं. करीब दो साल पहले ही फ्लिपकार्ट ने मिंत्रा का अधिग्रहण किया था.

जियो ने बाजार में मचाई धूम
सितंबर 2016 में रिलायंस ने अपनी टेलिकॉम सर्विस जियो को लॉन्च किया. लॉन्च के समय कंपनी ने ऐलान किया कि दिसंबर 2016 तक वो मुफ्त टेलिकॉम सेवाएं प्रदान करेगी. इसके बाद भारत में इंटरनेट इस्तेमाल को एक नया आयाम मिल सका. इस बीच रिलायंस रिटेल की ग्रोथ भी जारी थी. 2018 में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 10 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

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विलय व अधिग्रहण का दौर
2019 में इस कंपनी ने ब्रिटेन की खिलौन बेचने वाली रिटेल कंपनी Hamleys का अधिग्रहण किया. ​इसी महीने की शुरुआत में कंपनी ने फार्मा कंपनी Netmeds में 620 करोड़ रुपये का निवेश किया है. रिलायंस रिटेल के पोर्टफोलियो में 46 एक्सक्लुजीव इंटरनेशनल पार्टनर ब्रांड्स हैं. कंपनी ने Armani और Burberry जैसे ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप किया है.

कोरोना के कहर का सामना
कोरोना वायरस महामारी की वजह अन्य रिटेलर्स की तरह रिलायंस रिटेल को भी नुकसान उठानना पड़ा है. पिछले साल की सामान अवधि में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 27 फीसदी की गिरावट के साथ 31,663 करोड़ रुपये पर आ गया. कंपनी के 50 फीसदी स्टोर्स पूरी तरह से बंद थे और करीब 29 फीसदी स्टोर्स आंशिक रूप से ऑपरेट कर रहे थे. कंपनी ने 431 करोड़ रुपये शुद्ध मुनाफा मिला.

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जियोमार्ट
रिलायंस ने इसी साल अप्रैल में कंज्यूमर ग्रोसरी प्लेटफॉर्म जियोमार्ट लॉन्च किया. यह भी अब तेजी से लोगों के बीच पॉपुलर हो रहा है. अब तक करीब 10 लाख बार से ज्यादा बार जियोमार्ट के ऐप को डाउनलोड किया जा चुका है. अब यह अमेजन और फ्लिपकार्ट से ही पीछे है. जियोमार्ट पर फिलहाल ग्रोसरी व दैनिक जरूरतों का सामान मिलता है. कंपनी अब इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन समेत अन्य कैटेगारी को भी इसमें शामिल करने की योजना बना रही है. फिलहाल, जियोमार्ट पर देशभर के 200 लोकेशनंस से प्रति दिन 2.5 लाख से ज्यादा आॅर्डर्स आ रहे हैं. ( डिस्केलमर- न्यूज18 हिंदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)
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