बिजली कंपनियों के लिए राहत पैकेज बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये कर सकती है सरकार: सूत्र

बिजली कंपनियों के लिए राहत पैकेज बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये कर सकती है सरकार: सूत्र
विजली वितरण कंपनियों का राहत पैकेज बढ़ सकता है.

मई महीने में 20.97 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के ऐलान के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिजली वि​तरण कंपनियों के लिए नकदी राहत पैकेज में 90 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था. अब इसे बढ़कार 1.25 लाख करोड़ रुपये करोड़ किया जा सकता है.

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नई दिल्ली. सरकार बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) के लिये नकदी पैकेज को मई में घोषित 90,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये कर सकती है. एक सूत्र ने यह जानकारी दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के तहत वितरण कंपनियों को नकदी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी.

इसके तहत बकाया राशि की भुगतान अवधि 31 मार्च 2020 के बजाए मई 2020 की जा सकती है. शुरू में पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (Power Finance Corporation) और REC पैकेज के तहत कर्ज की मंजूरी मार्च 2020 तक के बकाये के आधार पर दे रही थी. एक सूत्र ने कहा, ‘‘बिजली मंत्रालय ने वितरण कंपनियों के 90,000 करोड़ रुपये के पैकेज को बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव पर मन बना लिया है.’’

बाकाया अवधि को मई तक बढ़ाया जाएगा
इससे पहले, बिजली मंत्री आर के सिंह ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि नकदी पैकेज के तहत बकाया अवधि मार्च 2020 को बढ़ाकर मई 2020 किया जाएगा.
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अब तक 20,000 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी
उन्होंने कहा कि राज्यों ने कोविड-19 महामारी और उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ को देखते हुए नकदी पैकेज तथा बकाया कर्ज की अवधि कुछ और महीने के बढ़ाने का आग्रह किया है. सिंह ने यह भी कहा कि राज्यों ने पैकेज के तहत 93,000 करोड़ रुपये का कर्ज मांगा है जिसमें से अबतक 20,000 करोड़ रुपये को मंजूरी दी जा चुकी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में पैकेज की घोषणा करते हुए कहा था कि वितरण कंपनियों के ऊपर बकाया 94,000 करोड़ रुपये था. ‘लॉकडाउन’ के कारण वितरण कंपनियों के ऊपर बकाया और बढ़ा है.

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कंपनियों को बकाया बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा
मंत्रालय के प्राप्ति पोर्टल के अनुसार मई 2020 तक वितरण कंपनियों के ऊपर बिजली उत्पादक कंपनियों का बकाया बढ़कर 1,25,958 करोड़ रुपये हो गया. इसमें से पिछला बकाया 1,14,013 करोड़ रुपये है. पिछला बकाया वह राशि है जिसका भुगतान 60 दिन से अधिक समय से नहीं किया गया है. उत्पादक कंपनियां इस पर ब्याज वसूलती हैं.

सिंह ने सम्मेलन में कहा, ‘‘हम कुसुम योजना का नया संस्करण पेश करने की योजना बना रहे हैं. इसके तहत कृषि क्षेत्र से संबद्ध फीडर को सौर बिजली युक्त किया जाएगा. इससे राज्य सरकारों पर सब्सिडी का बोझ कम होगा जो वे सिंचाई के नाम पर देते हैं...’’
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