आम आदमी को राहत! खाने-पीने की चीजों के दाम कम होने से घटी खुदरा महंगाई दर, 3 महीने के निचले स्‍तर पर पहुंची

खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से अप्रैल 2021 में खुदरा महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है.

खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से अप्रैल 2021 में खुदरा महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है.

सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2021 में महंगाई दर (Inflation Rate) घटकर 4.29 फीसदी पर पहुंच गई है. इससे खाद्य क्षेत्र में खुदरा मुद्रास्‍फीति (Retail Inflation) घटकर 2.02 फीसदी हो गई है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच हर तरफ से सिर्फ निराश और हताश करने वाली जानकारियां ही सामने आ रही हैं. इस बीच महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर आई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2021 के दौरान खाने-पीने की चीजों के दाम कमी दर्ज की गई. इससे खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) पर सीधा असर पड़ा. केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महंगाई दर (Inflation Rate) मार्च 2021 की 5.52 फीसदी से घटकर अप्रैल 2021 में 4.29 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले अनुमान के आसपास ही है.

खाद्य क्षेत्र में महंगाई दर घटकर 2.02 फीसदी रही

सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल 2021 में खाद्य क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर मार्च 2021 के 4.87 फीसदी से घटकर 2.02 फीसदी रही, जो अप्रैल 2020 में 11.73 फीसदी थी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपनी मौद्रिक नीति तय करते समय मुख्य तौर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है. अप्रैल 2021 में सीमित लॉकडाउन के बावजूद आपूर्ति समय से होती रही है. इस वजह से महंगाई दर तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. स्थानीय स्तर पर लगाए गए लॉकडाउन का असर बहुत सीमित रहा है.

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 औद्योगिक उत्‍पादन में दर्ज की गई है बढ़ोतरी

अप्रैल 2020 में खुदरा महंगाई दर 7.22 फीसदी पर थी. वहीं, फरवरी 2021 के मुकाबले इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में तेजी आई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2021 में औद्योगिक उत्पादन 22.4 फीसदी हो गया है. फरवरी में यह घटकर 3.6 फीसदी ही रह गया था. एनएसओ के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन बढ़कर 25.8 फीसदी हो गया है. वहीं, खनन क्षेत्र का उत्‍पादन 6.1 फीसदी और बिजली उत्पादन 22.5 फीसदी बढ़ा है. मार्च 2020 में इसमें 18.7 फीसदी की गिरावट आई थी.

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