लाइव टीवी

रेलिगेयर फ्रॉड मामला: अदालत ने शिविंदर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा

भाषा
Updated: December 26, 2019, 9:52 PM IST
रेलिगेयर फ्रॉड मामला: अदालत ने शिविंदर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा
शिविंदर मोहन सिंह (फाइल फोटो)

रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) में कोष की कथित अनियमितता को लेकर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था.

  • Share this:
नई दिल्ली. फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने आठ जनवरी तक के लिए गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) में कोष की कथित अनियमितता को लेकर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था.

जांच एजेंसी को अधिक पूछताछ की जरूरत
सिंह की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत अवधि खत्म होने पर उन्हें अतरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दरअसल, जांच एजेंसी ने कहा कि हिरासत रख कर उनसे और अधिक पूछताछ करने की जरूरत नहीं है.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान से आए इस आतंक ने सरकार की उड़ाई नींद! जानें क्या है मामला

इससे पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
सिंह के भाई एवं फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक मलविंदर (46), रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी (58) और अन्य आरोपी-कवि अरोड़ा (48) तथा अनिल सक्सेना को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इससे पहले एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था. उन पर आरएफएल का धन कथित दूसरी जगह लगाने और अन्य कंपनियों में निवेश करने का आरोप है.

पहले ही खारिज हो चुकी है याचिकाप्रवर्तन निदेशायल ने 12 दिसंबर को तिहाड़ जेल से शिविंदर सिंह को हिरासत में लिया था, जहां उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज इस कथित घोटाले से जुड़े मामले में रखा गया था. अदालत आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज मामले में उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज कर चुकी है.

ED ने आरोप लगाया था कि दोनों भाइयों ने अन्य के साथ मिल कर करीब 1,000 करोड़ रुपये विभिन्न लोगों को हस्तांतरित कर दिये और बाद उस धन को निकाल लिया. आर्थिक अपराध शाखा ने इस सिलसिले में मार्च में एक प्राथमिकी दर्ज की थी.

ये भी पढ़ें: अलविदा 2019: 1 जनवरी 2020 से बदल रही हैं ये 10 चीजें, जानिए क्या हो रहा है सस्ता और क्या महंगा?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 26, 2019, 9:52 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर