रेमडेसिवीर की अब नहीं होगी किल्लत, प्रोडक्शन बढ़कर प्रतिमाह 1.05 करोड़ हुआ

रेमडेसिवीर की नहीं होगी परेशानी

रेमडेसिवीर की नहीं होगी परेशानी

रेमडेसिवीर (Remdesivir Production) का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़कर प्रतिमाह 1.05 करोड़ हो गया है. मंडाविया ने एक ट्वीट में इस बारे में जानकारी दी है.

  • Share this:
नई दिल्ली: केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को कहा कि देश में रेमडेसिवीर (Remdesivir Production) का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़कर प्रतिमाह 1.05 करोड़ हो गया है और सरकार इस एंटीवायरल दवा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है.

मंडाविया ने एक ट्वीट में कहा कि दवा की उत्पादन क्षमता चार मई को प्रतिमाह 1.05 करोड़ शीशी को पार कर गई, जो इस साल 12 अप्रैल को 37 लाख शीशी थी. इस तरह उत्पादन क्षमता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है.

यह भी पढ़ें: Bank FD कराने वालों के लिए जरूरी खबर, फिक्सड डिपॉजिट का है प्लान तो जान लें वरना...

जल्द बढ़ेगी मांग
उन्होंने कहा कि एक महीने पहले 20 संयंत्रों की तुलना में इस समय देश के 57 संयंत्रों में इस एंटीवायरल दवा का उत्पादन किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘जल्द ही, हम बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे.’’

सरकार कर रही है कड़ी मेहनत

मंडाविया ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सरकार कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. देश में कोविड संक्रमण में भारी बढ़ोतरी के बीच रेमडेसिवीर की मांग भी कई गुना बढ़ गई है.



यह भी पढ़ें: Bill Gates Divorce: बिल गेट्स और मेलिंडा हुए अलग, जानें कितनी संपत्ति के है मालिक?

कौन सी कंपनियां कर रही प्रोडक्शन?

भारत में डॉ रेड्डीज लैब ने जेनेरिक ड्रग रेमडेसिविर को रेडी एक्स नाम से पेश किया है. इसके बाद जाइडस कैडिला ने रेमडेसिविर का सबसे सस्ता वर्जन रैमडैक नाम से लांच किया था. सिप्ला और हेटेरो के अलावा जुबिलेंट लाइफ साइंसेज और माइलेन भी भारत में रेमडेसिविर का उत्पादन कर रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज