RERA रीयल्टी सेक्‍टर के लिए चाहता है एकबारगी कर्ज पुनर्गठन, RBI को लिखेगा चिट्ठी

RERA रीयल्टी सेक्‍टर के लिए चाहता है एकबारगी कर्ज पुनर्गठन, RBI को लिखेगा चिट्ठी
रीयल एस्‍टेट नियामक रेरा बिल्‍डर्स के लिए वन टाइम लोन रीकास्‍ट चाहता है. इसके लिए रेरा आरबीआई को चिट्ठी लिखेगा.

उद्योग संगठन क्रेडाई ( CREDAI) और नारेडको (Naredco) वित्तीय संस्थानों से डेवलपर्स के बकाया कर्ज के लिए एकबारगी कर्ज पुनर्गठन की सुविधा देने को कह रहे हैं. इससे रीयल एस्‍टेट सेक्‍टर का कर्ज डूबे/फंसे लोन (Bad Loan/NPA) की कैटेगरी में आने से बच जाएगा. इससे उन्‍हें नया कर्ज मिलने में आसानी हो जाएगी.

  • Share this:
नई दिल्ली. रीयल एस्टेट नियामक डेवलपर्स (Realty Developers) की मदद के लिए एकबारगी कर्ज पुनर्गठन (One-Time Debt Recast) चाहता है. इसके लिए रेरा (RERA) एक सप्ताह के भीतर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को चिट्ठी लिखेगा. उत्तर प्रदेश रेरा (UP RERA) के चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि इससे डेवलपर्स को नकदी संकट (Cash Crunch) से उबरने में काफी मदद मिलेगी. दरअसल, उद्योग संगठन क्रेडाई ( CREDAI) और नारेडको (Naredco) वित्तीय संस्थानों से डेवलपर्स के बकाया कर्ज के लिए एकबारगी कर्ज पुनर्गठन की सुविधा देने को कह रहे हैं.

डेवलपर्स को नया कर्ज मिलने में होगी काफी आसानी
उद्योग संगठनों का कहना है कि इससे रीयल एस्‍टेट सेक्‍टर का कर्ज डूबे/फंसे लोन (Bad Loan/NPA) की कैटेगरी में आने से बच जाएगा. इससे उन्‍हें नया कर्ज मिलने में आसानी हो जाएगी. राजीव कुमार ने कहा कि परियोजनाओं को पूरा करने का समय छह महीने बढ़ाने का फैसला घर खरीदारों के हितों को ध्‍यान में रखकर लिया गया है. इससे उन्हें उनके फ्लैट का आवंटन सुनिश्चित हो सकेगा. उन्‍होंने बिल्डरों से कहा कि वे कोरोना वायरस महामारी के दौरान किस्तों (EMI) के भुगतान में देरी के लिए फ्लैट खरीदारों पर किसी तरह का जुर्माना (Penalty) नहीं लगाएं.

ये भी पढ़ें- पिछली कंपनी के PF का पैसा नए अकाउंट में घर बैठे कैसे कर सकते हैं ट्रांसफर, यहां जानें पूरा प्रोसेस
नकदी संकट का सामना कर रहा है रीयल्‍टी सेक्‍टर


राजीव कुमार ने कहा कि रीयल एस्‍टेट सेक्‍टर (Real Estate Sector) काफी समय से नकदी संकट का सामना कर रहा है. कई अटकी परियोजनाएं ऐसी हैं, जो सरकार की ओर से बनाए गए 25,000 करोड़ रुपये के विशेष कोष (Special Fund) से वित्तपोषण पाने की हकदार नहीं हैं. ऑल इंडिया फोरम ऑफ रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज (AIFORERA) ने एकबारगी कर्ज पुनर्गठन का मुद्दा रिजर्व बैंक के सामने उठाने का फैसला किया है. बता दें कि राजीव कुमार रीयल एस्‍टेट सेक्‍टर के इस नए संघ के चेयरमैन हैं. उन्होंने बताया कि फोरम इस बारे में अगले सप्ताह रिजर्व बैंक को पत्र लिखेगा.

ये भी पढ़ें- दुनिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ने अप्रैल-जून 2020 तिमाही में कैसे गंवाए 12 लाख करोड़ रुपये

'प्राधिकरण के आदेशों का पालन करें डेवलपर्स'
उत्तर प्रदेश रेरा के प्रमुख ने बिल्डरों को आगाह किया है कि वे प्राधिकरण की ओर से जारी आदेशों का अनुपालन करें. ऐसा नहीं करने पर कानून के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी. बिल्डरों को नियामकों से राहत मिलने और फ्लैट खरीदारों को नहीं मिलने के सवाल पर राजीव कुमार ने कहा, 'परियोजनाओं को पूरा करने का समय बढ़ाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि फ्लैट खरीदारों को उनके घर की चाबी मिल सके.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading