RBI ने अब महाराष्‍ट्र के इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द, जानें ग्राहकों की जमा रकम का क्‍या होगा

RBI ने पुणे के शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने महाराष्ट्र के पुणे में शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड (Shivaji Rao Bhosale Co-operative Bank) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द (Canceled Banking License) कर दिया है. आरबीआई के मुताबिक, ये कार्रवाई बैंक की खराब वित्तीय हालत के कारण की गई है.

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    नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने महाराष्ट्र के पुणे में मौजूद शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड (Shivaji Rao Bhosale Co-operative Bank) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. कार्रवाई करते हुए रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक की खराब वित्तीय हालत (Financial Condition), बैंकिंग ऑपरेशंस के लिए पर्याप्त पूंजी (Adequate Capital) नहीं होने और कमाई की कोई उम्मीद नजर नहीं आने के कारण बैंकिंग लाइसेंस रद्द (Canceled Banking License) किया गया है.

    98 फीसदी ग्राहकों को वापस मिल जाएगा पूरा डिपॉजिट
    शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिल होने से बैंक 31 मई 2021 से किसी भी प्रकार का बैंकिग बिजनेस नहीं कर पाएगी. आरबीआई ने बताया कि महाराष्ट्र के रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज को शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड को बंद करने के लिए ऑर्डर जारी करने को कह दिया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि इस बैंक को चालू रखना इसके जमाकर्ताओं के हितों के साथ खिलवाड़ करना होता. आरबीआई ने स्‍पष्‍ट किया कि इस बैंक में पैसा जमा करने वाले 98 फीसदी से ज्‍यादा लोगों को उनका पूरा पैसा डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के तहत वापस मिल जाएगा.

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    सहकारी बैंक पर 4 मई से लगा दी गई थीं पाबंदियां
    डीआईसीजीसी के तहत बैंक में पैसा जमा करने वालों को 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट का इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है. आसान शब्‍दों में समझें तो बैंक डूबने या बंद होने की स्‍स्थिति में उन्‍हें 5 लाख रुपये तक का डिपॉजिट मिल जाएगा. बता दें कि इस सहकारी बैंक के कामकाज पर 4 मई 2019 से पाबंदी लगी हुई है. आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा-35A की उपधारा के तहत शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक पर यह प्रतिबंध लगाया था. इन प्रतिबंधों के तहत आरबीआई ने निकासी, जमा लेने, लोन देने पर पाबंदी लगा दी थी. हालांकि, बैंक के ग्राहक 1000 हजार रुपये तक निकाल सकते थे. बता दें कि आरबीआई इससे पहले भी महाराष्‍ट्र के कई सहकारी बैंकों के लाइसेंस रद्द कर चुका है.