बैंकिंग सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालेगा रिजर्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक
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रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रस्तावित नीतिगत घोषणा से एक सप्ताह पहले ही अप्रत्याशित रूप से रेपो दर घटाने समेत अन्य उपायों की घोषणा की. शक्तिकांता दास (Shaktikanta Das) ने बताया कि समिति ने परिस्थितियों में अचानक आये बदलाव को देखते हुए बैठक एक सप्ताह पहले ही कर लेने का निर्णय लिया.

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मुंबई. रिजर्व बैंक ने वित्तीय सिस्टम में कोरोना वायरस के संक्रमण से पड़े असर को दूर करने के लिये नकदी आरक्षित अनुपात (CRR) में कटौती समेत विभिन्न उपायों से 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने की शुक्रवार को घोषणा की.

​RBI ने कई फैसले लिए
रिजर्व बैंक ने CRR को कम करने के अलावा जिन उपायों की घोषणा की है, उनमें स्थिर रेपो दर पर बैंकों को दीर्घकालिक ऋण देने (टारगेटेड LTRO) तथा पखवाड़े भर के लिये बैंकों को दिये जाने वाले कर्ज की सीमांत सुविधा(MSF) की सीमा दो प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत किया जाना है. यह सुविधा बैंक दर पर मिलती है जो रेपो दर से ऊंची होती है.

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रिजर्व बैंक ने प्रस्तावित नीतिगत घोषणा से एक सप्ताह पहले ही अप्रत्याशित रूप से रेपो दर घटाने समेत अन्य उपायों की घोषणा की. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा, ‘‘टारगेटेड LTRO, CRR और MSF से जुड़े इन तीनों उपायों से रिजर्व बैंक प्रणाली में कुल 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालेगा.’’

दास ने बताया कि समिति ने परिस्थितियों में अचानक आये बदलाव को देखते हुए बैठक एक सप्ताह पहले ही कर लेने का निर्णय लिया.

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7 साल में पहली बार CRR में कटौती
रिजर्व बैंक ने सात साल में पहली बार CRR में कटौती की है. रिजर्व बैंक ने CRR को तीन प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है. इससे अब बैंकों को रिजर्व बैंक के पास आरक्षित भंडार में कम नकदी रखने की जरूरत होगी. इससे बैंकिंग प्रणाली में करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये की नकदी आएगी.

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने स्थिर रेपो दर पर तीन साल तक की अवधि के लिये एक लाख करोड़ रुपये तक का ऋण बैंकों को उपलब्ध कराएगा.

रिजर्व बैंक ने कहा कि MSF की सीमा दो प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत किये जाने से बैंकिंग प्रणाली में 1.37 लाख करोड़ रुपये की नकदी आएगी. इस तरह इन तीनों उपायों से रिजर्व बैंक प्रणाली में कुल 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालेगा.

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