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अर्थव्यवस्था को झटका! खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़कर 5.54% हुई, तीन साल में सबसे ज्यादा

News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 6:52 PM IST
अर्थव्यवस्था को झटका! खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़कर 5.54% हुई, तीन साल में सबसे ज्यादा
नवंबर महीने में (India Retail Inflation) महंगाई 4.62 फीसदी से बढ़कर 5.54 फीसदी हो गई है. वहीं, अक्टूबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ (Index of Industrial Production) फिर से निगेटिव जोन में बनी हई है.

नवंबर महीने में (India Retail Inflation) महंगाई 4.62 फीसदी से बढ़कर 5.54 फीसदी हो गई है. वहीं, अक्टूबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ (Index of Industrial Production) फिर से निगेटिव जोन में बनी हई है.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 6:52 PM IST
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नई दिल्ली. अर्थव्यवस्था के मोर्च पर दो बड़े झटके लगे है. नवंबर महीने में महंगाई (India Retail Inflation) 4.62 फीसदी से बढ़कर 5.54 फीसदी हो गई है. वहीं, अक्टूबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ (Index of Industrial Production) फिर से निगेटिव जोन में बनी हई है. हालांकि, सितंबर के मुकाबले इसमें कुछ सुधार देखने को मिला है. यह -5.4 फीसदी के मुकाबले -3.8 फीसदी हो गई है. जबकि, पिछले साल अक्टूबर 2018 में यह 8.4 फीसदी थी. आपको बता दें कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में खास महत्व होता है. इससे पता चलता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि किस गति से हो रही है. अर्थशास्त्री बताते हैं कि देश के मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज सेक्टर में आर्थिक सुस्ती का दौर जारी है. देश में अभी तक प्राइवेट प्लेयर्स इन्वेस्टमेंट करने से झिझक रहे है. इसीलिए कई सेक्टर्स की कंपनियों में छंटनी हो रही है.

3 साल में सबसे ज्यादा हुई महंगाई- रिटेल महंगाई दर नवंबर में बढ़कर 5.54 फीसदी हो गई है.  यह पिछले 3 साल में सबसे ज्यादा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगाई दर आरबीआई के मध्यम अवधि लक्ष्य (4%) से अधिक रही है. ऐसे में ब्याज दरों की कटौती की लेकर की जा रही उम्मीदों को झटका लग सकता है.

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आंकड़ों में देखिए कैसे बढ़ी महंगाई - केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालाय की ओर से को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की महंगाई दर 10.1 फीसदी रही, जो अक्टूबर में 7.89 फीसदी थी और सालभर पहले -2.61 फीसदी थी. इससे अधिक खुदरा महंगाई दर जुलाई 2016 में 6.07 फीसदी दर्ज की गई थी.

>> जून महीने में महंगाई दर 3.18 फीसदी रही.
>> जुलाई महीने में महंगाई दर 3.15 फीसदी रही.
>> अगस्त महीने में महंगाई दर 3.28 फीसदी हो गई.>> सितंबर महीने में महंगाई दर बढ़कर 3.99 फीसदी हो गई.
>> अक्टूबर महीने में महंगाई बढ़कर 4.62 फीसदी पर पहुंच गई.
>> वहीं अब नवंबर महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 5.54 फीसदी हो गया है.

IIP में हुआ मामूली सुधार- औद्योगिक उत्पादन दर (IIP) -4.3 फीसदी के मुकाबले अक्टूबर में -3.8 फीसदी रही है. औद्योगिक उत्पादन दर में सुधार सरकार के लिए राहत की खबर लेकर आई है.



गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन 2.1 फीसदी घट गया. अक्टूबर 2018 में इसमें 8.2 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज हुई थी.

विकास का प्रमुख पैमाना माने जाने वाले बिजली उत्पादन में भी 12.2 फीसदी गिरावट आई है. एक साल पहले इसमें 10.8 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी.



इंडस्ट्री की डिमांड नहीं निकलने के कारण खनन की भी मांग कम रही और वहां उत्पादन आठ फीसदी घट गया. अक्टूबर 2018 में खनन उत्पादन 7.3 फीसदी बढ़ा था.

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First published: December 12, 2019, 6:01 PM IST
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