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Retail Inflation : महंगाई से मिली राहत! नवंबर में 6.4 फीसदी रहने का अनुमान, खाने-पीने की चीजों के घटे दाम

महंगाई दर कम होती है तो आरबीआई पर दबाव कम होगा.

महंगाई दर कम होती है तो आरबीआई पर दबाव कम होगा.

Retail Inflation November 2022- रिटेल महंगाई अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय सीमा से ज्‍यादा है. महंगाई को काबू करने ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

खाद्य महंगाई अक्टूबर के 7 प्रतिशत के मुकाबले नवंबर में गिरकर 6.2 प्रतिशत हो सकती है.
नवंबर में भी रिटेल महंगाई आरबीआई की तय सीमा से ज्‍यादा रहने का अनुमान है.
महंगाई को काबू करने के लिए आरबीआई ने मौद्रिक नीति को सख्‍त किया है.

नई दिल्‍ली. महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है. मनीकंट्रोल की ओर से 17 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए पोल में सामने आया है कि नवंबर में भारत की खुदरा महंगाई नौ महीने के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर आ सकती है. अक्‍टूबर में खुदरा महंगाई की दर 6.77 फीसदी रही थी. इससे पिछले महीने, सितंबर में रिटेल महंगाई 7.41 फीसदी थी. सरकार की ओर से 12 दिसंबर को शाम 5.30 बजे नवंबर के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करेगा.

अर्थशास्त्रियों का अनुमान अगर सही साबित होता है और रिटेल महंगाई 6.4 प्रतिशत रहती है तो यह नौ महीने का निचला स्‍तर होगा. हालांकि, नवंबर लगातार 11वां ऐसा महीना होगा जिसमें महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर बनी रहेगी. यही नहीं लगातार 38वें महीने खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से अधिक रह सकती है.

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खाद्य मुद्रास्फीति में आएगी गिरावट
बार्कलेज के मुख्य अर्थशास्त्री राहुल बाजोरिया के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति अक्टूबर के 7 प्रतिशत के मुकाबले नवंबर में गिरकर 6.2 प्रतिशत हो सकती है. बाजोरिया ने 5 दिसंबर को एक नोट में कहा, “हमें अनाज और दालों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, लेकिन जल्द खराब होने वाली चीजों जैसे सब्जियों की कीमतों में कमी आने की संभावना है.” उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अक्‍टूबर की तुलना में नवंबर में जिन पांच खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आई है उनमें चावल, पाम ऑयल, चाय, वनस्पति तेल और टमाटर शामिल है.

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रेपो रेट में वृद्धि के बाद आएंगे आंकड़े
नवंबर के मुद्रास्फीति के आंकड़े आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा 7 दिसंबर को रेपो रेट में 35 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने के बाद आ रहे हैं. रेपो रेट अब बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो गया है. रिजर्व बैंक ने 8 महीनों में पांचवीं बार नीतिगत दर में वृद्धि की है. आरबीआई का अनुमान है कि  अक्टूबर-दिसंबर में सीपीआई इनफ्लेशन औसतन 6.6 प्रतिशत रह सकती है. जनवरी-मार्च 2023 में इसके 5.9 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2023 में 5 प्रतिशत होने का अनुमान जताया है.

मौद्रिक नीति बनाने में अहम है खुदरा महंगाई
भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य रूप से मौद्रिक नीति तैयार करने के लिए खुदरा महंगाई दर को आधार मानता है. ऐसे में अगर महंगाई दर कम होती है तो आरबीआई पर दबाव कम होता है. बीते कुछ समय से आरबीआई उच्च मुद्रास्फीति से लड़ते हुए अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Cpi, Inflation, RBI

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