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विदेशी निवेशकों के भरोसे नहीं रहे घरेलू शेयर बाजार, झटकों से उबारने में खेवनहार बने खुदरा निवेशक

लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय खुदरा निवेशकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि किसी भी झट ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. देश के खुदरा निवेशकों को शेयर बाजार (Stock Market) अब खूब भाने लगे हैं. यही वजह है कि किसी भी झटके से भारतीय शेयर बाजार अब जल्दी ही उबर जा रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके लिए खुदरा निवेशकों की सराहना की है.

निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारतीय खुदरा निवेशकों की सराहना की जानी चाहिए. उन्होंने साबित कर दिया है कि किसी भी झटके से संभला जा सकता है. घरेलू खुदरा निवेशकों ने भारतीय बाजार में झटके को संभालने की क्षमता विकसित कर ली है.

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FII-FPI के भरोसे नहीं रहा बाजार

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हमें सदन में उन भारतीय खुदरा निवेशकों की खड़े होकर सराहना करनी चाहिए जिन्होंने आज भारत के बाजारों में काफी विश्वास पैदा किया है. शेयर बाजार में निवेश को केवल एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) और एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) को देखकर ही नहीं आंकना होगा. ये निवेशक ब्याज दर पर निर्भर होते हैं. ब्याज दर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए ये बाजार में आते-जाते रहते हैं जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है.

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एफडीआई निवेश अब भी ज्यादा

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों द्वारा 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक धन निकाले जाने की ओर इशारा करते हुए वित्त मंत्री से विदेशी निवेशकों का निवेश कम होने की प्रवृत्ति के बारे में पूछा था. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में कोविड से पहले से सर्वाधिक विदेशी निवेश (एफडीआई) आ रहा था. यह कोविड के दौरान और उसके बाद भी बना रहा. उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि जो पैसा आ रहा है उसका निवेश देश में हो रहा है. इससे देश में रोजगार पैदा हो रहा है और रोजगार की ज्यादा संभावनाएं बन रही हैं. यह FII और FPI से नहीं हो रहा.

Tags: FM Nirmala Sitharaman, Mutual fund investors, Nirmala sitharaman, Stock Markets

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