जरूरी है रिटायरमेंट प्लानिंग, न करें इसे नजरअंदाज, जानें यह क्यों है जरूरी?

रिटायरमेंट प्लानिंग बेहद जरूरी है इसे नजरअंदाज न करें.
रिटायरमेंट प्लानिंग बेहद जरूरी है इसे नजरअंदाज न करें.

आप हमेशा अपने परिवार और नजदीकी लोगों (Close people) को सपोर्ट करते है तो बेहद जरूरी है कि आप अपना रिटायरमेंट प्लान (Retirement plan) बेहतर तरीके से प्लान करें. क्योंकि ऐसे में आपके पास जमा पूंजी (Savings) निश्चित मात्रा में ही बचती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 6:02 AM IST
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नई दिल्ली. जब किसी से रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में बात की जाती है. तो वो इस सवाल को हंसी में टाल जाते है और कहते है. अभी इसके बारे में सोचने के लिए बहुत लंबा समय है. लेकिन हम आपको बता दें रिटायरमेंट प्लानिंग आप जितना जल्दी शुरू करेंगे. उतना ही आपके भविष्य के लिए बेहतर होगा. यदि आप सोचते रहेंगे कि रिटायरमेंट में काफी समय है. तो निश्चित है कि आप कभी अपने लिए रिटायरमेंट प्लानिंग नहीं कर पाएंगे. आइए जानते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए.

आप बीमारी से नहीं भाग सकते- उम्र के साथ बीमारी भी शरीर में बढ़ती जाती है. ऐसे में आप यह सोचे कि आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे तो आप गलत है. क्योंकि जीवन स्वास्थ्य संबंधी परेशानी लगातार तेजी से बढ़ रही है और आप इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि किसी छोटी से छोटी बीमारी के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो जाते है. ऐसे में यदि आप सही रिटायरमेंट प्लान नहीं बनाते है तो आपकी सारी बचत खत्म हो सकती है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में न केवल बचत की अच्छी राशि शामिल होती है, इसमें पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस भी होता है, जिसमें थोड़ा कवर गंभीर बीमारियों के लिए भी हो सकता है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में केवल कॉर्पस नहीं, बल्कि स्वास्थ्य इमरजेंसी और हेल्थ प्लान भी शामिल है.

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किसी दूसरे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं- आप हमेशा अपने परिवार और नजदीकी लोगों को सपोर्ट करते है तो बेहद जरूरी है कि आप अपना रिटायरमेंट प्लान बेहतर तरीके से प्लान करें. क्योंकि ऐसे में आपके पास जमापूंजी निश्चित मात्रा में ही बचती है और इसे अपने रिटायरमेंट के लिए बेहतर तरीके से निवेश करें.
65 साल तक एक्टिव रहते है लोग- मेडिकल केयर और रिसर्च में बढ़ोतरी होने के साथ अब 60 की उम्र को ज्यादा बूढ़ा नहीं माना जाता. पुराने दिनों में, जो लोग 60 साल के हो जाते हैं, वे खुद को ज्यादा बूढ़े मानते थे. आज 65 साल के व्यक्ति कई ज्यादा एक्टिव हैं. स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने और लाइफस्टाइल पर ध्यान देने से लोग 90 साल के बाद भी जीते हैं. यानी रिटायरमेंट के बाद 30 साल का समय. 45 साल से कम उम्र में बूढ़े होने का ख्याल ज्यादातर लोगों के मन में नहीं आता. हालांकि, 45 साल से बाद लोगों के पास रिटायरमेंट के बाद के कॉर्पस के लिए प्लान करने के लिए थोड़ा समय होता है. इसलिए व्यक्ति को रिटायरमेंट के लिए जल्दी शुरू करना चाहिए.

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रिटायरमेंट के बाद के लक्ष्य को पूरा करेंगे-रिटायरमेंट का मतलब अब बदल चुका है. लोक रिटायर होने के बाद देश-विदेश घूमना चाहते हैं. यदि आप अपने रिटायमेंट की प्लानिंग ठीक से करेंगे तो आप अपनी जरूरत के सभी खर्चों को आसानी से उठा सकते हैं. इसके साथ ही आप रिटायमेंट के बाद अपने पोता-पोती की शिक्षा का भी खर्च बड़े मजे से उठा सकते हैं.
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