बैंकिंग और PSU फंड में करें निवेश! अभी पैसे लगाने पर मिलेगा मोटा रिटर्न, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

यह उनके लिए सही है जो आय के साथ पूंजी बढ़ाना चाहते हैं खास कर तब जब ब्याज दरों का माहौल सकारात्मक हो.

यह उनके लिए सही है जो आय के साथ पूंजी बढ़ाना चाहते हैं खास कर तब जब ब्याज दरों का माहौल सकारात्मक हो.

Investment Planning- ऐसे निवेशकों को जो इनकम के साथ पैसे बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए इस फंड में निवेश करने का यह सही समय है.

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नई दिल्ली. बैंकिंग और PSU फंड डेट फंड स्कीम (Debt Fund) होती हैं. जो बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (PSU) और पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ( PFI) की ओर से जारी डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं. सेबी के म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) वर्गीकरण निर्देशों के मुतबिक बैंक और पीएसयू फंड को अपनी 80 फीसदी रकम का निवेश इस तरह के इंस्टीट्यूशन की ओर से जारी डेट इंस्ट्रूमेंट्स में करना होता है.

बैंकिंग और पीएसयू फंड कैसे काम करते हैं?

>> बैंकिंग और पीएसयू फंड को अपना 80 फीसदी निवेश बैंकों, पीएसयू और पीएफआई की ओर जारी डेट इंस्ट्रूमेंट्स में करना होता है.

>> फंड मैनेजर के पास यह विकल्प रहता है वह यील्ड के नजरिये से आकर्षक अवधि चुन कर निवेश कर सकें.
>> बैंकिंग और पीएसयू फंड के फंड मैनेजर इनके इंटरेस्ट आउटलुक के हिसाब से निवेश के लिए सक्रिय समय का चुनाव करते हैं. अगर इंटरेस्ट रेट आउटलुक उनके पक्ष में लगता है तो बैंकिंग और पीएसयू फंड अपनी अवधि बढ़ाते हैं. या फिर ये दोनों चीज आपस में अदल-बदल होती हैं. फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज की कीमतें ब्याज दरों में परिवर्तन के उलट होती हैं. डेट इंस्ट्रूमेंट की अवधि जितनी लंबी होगी, यह ब्याज दर परिवर्तन के लिहाज से उतना ही संवेदनशील होगी.

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बैंकिंग और पीएसयू फंड पर टैक्स देन दारी



अगर आप इनमें तीन साल से कम समय तक निवेश करते हैं तो कैपिटेल गेन आपकी आय में जुड़ जाएगा और इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक इस पर टैक्स लगेगा. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स ( तीन साल से ज्यादा समय तक निवेश करने पर मिला रिटर्न) इंडेक्सेशन बेनिफिट के बाद 20 फीसदी लगता है. बैंकिंग और पीएसयू फंड की ओर से दिया जाने वाला डिविडेंड (इसे इनकम डिस्ट्रीब्यूशन सह विड्रॉल भी कहते है) आपकी आय में जुड़ जाएगा और आप पर लगने वाली इनकम टैक्स दर के हिसाब से इसमें टैक्स लगेगा.

जानें अभी क्यों निवेश करना चाहिए?

यूएस ट्रेजरी बॉन्ड अभी भी निचली दरों पर चल रहे हैं क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें अभी भी शून्य फीसदी पर हैं और यह अपने बॉन्ड खरीद कार्यक्रम को जारी रखे हुए है. लेकिन इस बात के संकेत मिल रहे हैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत मिलते ही फेडरल रिजर्व अपनी उदार मौद्रिक नीति को समेटने लगेगा. जैसे-जैसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुधरेगी फेडरल रिजर्व का जोर ग्रोथ की बजाय महंगाई नियंत्रण पर होगा. लिहाजा अमेरिका में ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड मध्यावधि में बढ़ने लगेंगी.

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जानें किसे निवेश करना चाहिए

>> ऐसे निवेशकों को जो आय के साथ पूंजी बढ़ाना चाहते हैं खास कर तब जब ब्याज दरों का माहौल सकारात्मक हो.

>> ऐसे निवेशक जो हल्का जोखिम ले सकते हैं.

>> ऐसे निवेशक जो अपना निवेश तीन साल तक जारी रख सकते हैं.

डेटा स्रोत : ब्लूमबर्ग और ACE MF, 31 मई 2021 के मुताबिक..

Note- ये लेख मिरे एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के हेड- प्रोडक्ट, मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन, वैभव शाह की है. म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन होते हैं. निवेश से पहले स्कीम से सभी दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक पढ़ लें.

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