खाना पकाने के लिए गरीबों को गैस से सस्ता विकल्प उपलब्ध कराएगी सरकार, जानें क्या है प्लान?

खाना पकाने के लिए गरीबों को गैस से सस्ता विकल्प उपलब्ध कराएगी सरकार, जानें क्या है प्लान?
गरीबों को मिलेगा सस्ता विकल्प

बिजली मंत्रालय के बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि समाज के गरीब तबकों को उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए सस्ते विकल्प के रूप में बिजली उपलब्ध करायी जाएगी. इससे न केवल देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा बल्कि आयात (पेट्रोलियम) पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी.

  • भाषा
  • Last Updated: September 14, 2020, 8:56 AM IST
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नई दिल्ली. बिजली मंत्री (Power Minister) आरके सिंह ने कहा कि सरकार गरीबों की मदद के लिये खाना पकाने में व्यापक स्तर पर विद्युत के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर विचार कर रही है. बिजली मंत्रालय के बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि समाज के गरीब तबकों को उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए सस्ते विकल्प के रूप में बिजली उपलब्ध करायी जाएगी. इससे न केवल देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा, बल्कि आयात (पेट्रोलियम) पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी. मंत्री ने एनटीपीसी के नबीनगर, बाढ़ और बरौनी में क्रमश: सर्विस बिल्डिंग, शॉपिंग परिसर और मेन प्लांट कैंटीन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कही. ये केंद्र बिहार के लोगों और एनटीपीसी के कर्मचारियों की सुविधा के लिये बनाये गये हैं.

सिंह ने कहा, विद्युत भारत का भविष्य है और आने वाले समय में देश की ज्यादातर बुनियादी सुविधाएं विद्युत ऊर्जा पर ही निर्भर होंगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने मंत्रालय स्तर पर एक पावर फाउन्डेशन के गठन का प्रस्ताव किया है. इसके लक्ष्यों में खाना पकाने के काम में सिर्फ विद्युत का उपयोग किया जाना शामिल हैं. इससे न केवल हमारी अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर होगी बल्कि आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी. सिंह ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए कार्यरत है और यह कदम समाज के गरीब वर्ग को खाना पकाने के लिए सस्ते विकल्प उपलब्ध कराएगा.

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान भी गरीबों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना और हर घर बिजली जैसी योजनाओं पर काम करना जारी रखा है. मंत्री ने एनटीपीसी के विभिन्न प्रयासों की सराहना की, जो देश के आर्थिक विकास की दिशा में इस विद्युत उत्पादक कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शातें हैं.
उन्होंने कहा, हमेशा से सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं, किंतु अगर एनटीपीसी और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के प्रदर्शन को देखा जाए तो साफ है कि इसके प्रयास अन्य निजी कंपनियों से भी बेहतर रहे हैं और प्रगति के साथ लाभ भी कमाते रहे. मैं एनटीपीसी के प्रति आभारी हूं, जिसने राष्ट्र निर्माण हेतु बिहार एवं अन्य राज्यों की प्रगति में उल्लेखनीय साझेदार की भूमिका निभाई है.

इस मौके पर एनटीपीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा, एनटीपीसी खाने पकाने में विद्युत के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. हमें विश्वास है कि हम देश भर में इस मॉडल का अनुकरण कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि एनीपीसी की बिहार में 3,800 मेगावाट क्षमता की परियोजना निर्माणधीन है और कंपनी राज्य के प्रगति में योगदान देना जारी रखेगी. एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 62,900 मेगावाट है. इसके 70 बिजलीघर हैं.
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