नवरात्र स्पेशल: जानिए क्यों 35 से 150 रुपये किलो तक बिक रहा है व्रत में खाया जाने वाला सेंधा नमक

सेंधा (लाहौरी) नमक
सेंधा (लाहौरी) नमक

भारत में सेंधा (लाहौरी) नमक की सप्लाई पाकिस्तान से पूरी की जाती है. लेकिन, कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान सरकार ने कारोबारी रिश्ते खत्म करने की धमकी दी थी. एक मोटे अनुमान के अनुसार भारत पाक से हर साल 2.5 हज़ार टन से लेकर 5 हज़ार टन तक लाहौरी नमक खरीदता है.

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  • Last Updated: October 17, 2020, 8:56 AM IST
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नई दिल्ली. कश्मीर से धारा 370 हटने पर पाक सरकार ने अकड़ दिखाते हुए भारत से कोई भी कारोबारी रिश्ते न रखने की धमकी दी थी. साथ ही सेंधा (लाहौरी) नमक की सप्लाई रोकने की बात तक कह डाली थी. जिसके चलते 15 से 20 रुपये किलो तक बिकने वाला सेंधा नमक 35 से 150 रुपये किलो के ऊंचे भाव पर पहुंच गया है. खासतौर से व्रत में खाए जाने वाले इस नमक की डिमांड अब आम दिनों में भी खूब आने लगी है. भारत में इसी डिमांड के चलते एक साल से पहले ही पाकिस्तान की अकड़ ढीली हो गई. अब पाक का यह लाहौरी नमक सीधे पाक से न आकर खाड़ी देशों के रास्ते भारत आ रहा है. लेकिन उसका कुछ खामियाजा भारतीय ग्राहकों को ज़रूर भुगतना पड़ा है.

बाज़ार में 150 रुपये किलो तक बिक रहा है लाहौरी नमक
सेंधा नमक के कारोबारी अब्दुल जब्बार का कहना है कि पाक से आने वाले लाहौरी नमक का भारत सबसे बड़ा खरीदार देश है. एक मोटे अनुमान के अनुसार भारत पाक से हर साल 2.5 हज़ार टन से लेकर 5 हज़ार टन तक लाहौरी नमक खरीदता है. एक साल पहले तक पाक से इस नमक की खरीद 4 से 5 रुपये किलो तक होती थी.

उसके बाद भारत के खुदरा बाज़ार में ग्राहकों को यह 15 से 20 रुपये किलो उसी हालत में मिल जाता था जैसा पाक से आता था. लेकिन एक साल पहले लगी कुछ बंदिशों के चलते अब यह 35 से 40 रुपये किलो तक बिक रहा है. वहीं प्रोसेस किया हुआ पैकेट बंद ब्रांडेड लाहौरी नमक 98 रुपये किलो से लेकर 150 रुपये किलो तक बाज़ार में बिक रहा है.
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भारत में कहां हैं सेंधा नमक की प्रोसेसिंग यूनिट्स
भारत में यूनिट कोच्चि, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली में लाहौरी नमक की बड़ी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट्स हैं. उनसे खाड़ी देशों से लेकर जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, कनाडा और पूरी दुनिया में यह नमक भेजा जाता है. वहीं जानकारों की मानें तो 1947 में बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लाहौरी नमक को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत युद्ध हो या शांति ये नमक लगातार भारत को भेजा जाता रहेगा, इसी तरह भारत इस बात पर सहमत था कि वो अबाध तरीके से पानी की आपूर्ति करते रहेंगे.
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