3 करोड़ किसानों को 30 हजार करोड़ रुपये मुहैया कराएगी मोदी सरकार, सस्ते दर पर ले सकेंगे लोन

3 करोड़ किसानों को 30 हजार करोड़ रुपये मुहैया कराएगी मोदी सरकार, सस्ते दर पर ले सकेंगे लोन
पहले 17 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन कोटा संभाग में गेहूं की अच्छी पैदावार होने के कारण इस लक्ष्य को बढ़ाकर 20.66 लाख मैट्रिक टन किया गया.

केंद्र सरकार ने गुरुवार को किसानों के लिए इमरजेंसी कैपिटल फंडिंग (Emergency Capital Funding) के जरिए 3 करोड़ किसानों को 30,000 करोड़ रुपये मुहैया कराने का ऐलान किया है. साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए करीब 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये की रियायती कर्ज भी दिया जाएगा.

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नई दिल्ली. किसानों को रबी फसलों की कटाई और खरीफ की बुवाई के दौरान राहत देते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को 30,000 करोड़ रुपये की इमरजेंसी कैपिटल फंडिंग (Emergency Capital Funding) का ऐलान किया है. देशभर के किसानों को यह रकम NABARD के ज​रिए मुहैया कराई जाएगी. इससे किसानों को फसलों के लिए लोन लेने में मदद मिल सकेगी.

20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के दूसरे हिस्से के ऐलान के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा, 'यह फंडिंग NABARD के जरिए नॉर्मल फाइनेंस के जरिए दिए जाने वाले 90 हजार करोड़ रुपये से अलग होगी.'

3 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगी लोन की सुविधा
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इस कदम से करीब 3 ​करोड़ किसानों को लाभी मिल सकेगा. इसमें अधिकतर छोटे और सीमांत किसान होंगे. मई और जून के महीने में किसानों को फंडिंग की जरूरत होती है. इस समय रबी फसलों की कटाई और खरीफ की बुवाई चल रही है.
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किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए रियायती दर पर ले सकेंगे लोन
इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) के जरिए करीब 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये की रियायती कर्ज भी दिया जाएगा. गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा, 'पीएम-किसान स्कीम के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड के​ जरिए रियायती कर्ज देने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा.' इस स्कीम में मछली पालक और पशुपालकों को भी शामिल किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि रियायती दरों पर 2 करोड़ किसानों ने कर्ज लिया है. लॉकडाउन के बाद से अब तक किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया है. उन्होंने कहा, '25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड्स जारी किए गए हैं, जिनकी कुल लोन लिमिट 25,000 करोड़ रुपये है.' 1 माच्र से 30 अप्रैल 2020 के बीच 63 लाख किसानों को लोन को जारी किया गया है, जिसकी कुल कीमत 86,600 करोड़ रुपये है.

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लोन रिफाइनेंसिंग से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर भी जोर
वित्त मंत्री ने बताया कि NABARD द्वारा सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को दिए गए 29,600 करोड़ रुपये के लोन को रिफाइनेंस किया गया है. यह मार्च 2020 में पूरा किया गया. मार्च में 'रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपेमेंट फंड' के जरिए ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने के लिए 4,200 करोड़ रुपये राज्यों को मुहैया कराया गया है.

मार्च से अब तक राज्य की ईकाईयों को कृषि उत्पाद खरीद के लिए 6,700 करोड़ रुपये का वर्किंग कैपिटल जारी किया गया है.

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