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कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग को झटका, ED ने जब्त किए ₹700 करोड़ के शेयर

प्रवर्तन निदेशालय

प्रवर्तन निदेशालय

ईडी ने कहा है कि सीएमडी सी पार्थसारथी के नेतृत्व में केएसबीएल (KSBL) ने घोर अनियमितताएं की थीं और सभी अवैध रूप से लिए गए लोन एनपीए बन गए हैं.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने शनिवार को कहा कि उसने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड यानी केएसबीएल (Karvy Stock Broking Limited) के सीएमडी सी पार्थसारथी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत छापेमारी के बाद 700 करोड़ रुपये के शेयरों के लेन-देन पर रोक लगा दी है. पिछले महीने तेलंगाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्थसारथी फिलहाल हैदराबाद की चंचलगुडा जेल में बंद हैं.

    एजेंसी ने एक बयान में कहा कि ईडी ने 22 सितंबर को हैदराबाद में छह स्थानों और कार्वी ग्रुप की कंपनियों के विभिन्न परिसरों, संबंधित संस्थाओं और सी पार्थसारथी के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की थी. इसने कहा, ”संपत्ति के दस्तावेजों, निजी डायरियों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, ईमेल आदि के रूप में अपराध साबित करने वाले साक्ष्यों को जब्त कर लिया गया है और उनकी जांच की जा रही है.”

    एजेंसी ने कहा, ”यह विश्वसनीय रूप से पता चला है कि सी पार्थसारथी निजी सौदों के माध्यम से ग्रुप की कंपनियों में अपने शेयरों को उतारने की कोशिश कर रहे हैं और इस प्रकार, आगे की जांच तक अपराध को रोकने के लिए, ईडी ने 24 सितंबर को लेन-देन पर रोक संबंधी आदेश जारी किया और वर्ष 2019-20 के लिए मूल्यांकन करने पर इन शेयरों का अनुमानित मूल्य 700 करोड़ रुपये आया है.”

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    इंडसइंड और ICICI बैंक के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी
    कार्वी ग्रुप के ये शेयर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सीएमडी कोमांदूर पार्थसारथी, उनके बेटे रजत पार्थसारथी और अधिराज पार्थसारथी और उनकी संस्थाओं से जुड़े थे. ईडी ने कहा, ”इंडसइंड बैंक के साथ 137 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के लिए हैदराबाद पुलिस के केंद्रीय अपराध थाना द्वारा एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है और साइबराबाद पुलिस अधिकारियों द्वारा आईसीआईसीआई बैंक को 562.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के लिए भी एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है.”

    अवैध रूप से लिए गए लोन बने NPA 
    ईडी ने इन सभी प्राथमिकी को अपनी जांच के तहत मिला लिया है और जेल में सी पार्थसारथी का बयान भी दर्ज किया है. एजेंसी ने कहा कि सी पार्थसारथी के नेतृत्व में केएसबीएल ने ‘घोर अनियमितताएं’ की थीं और सभी अवैध रूप से लिए गए लोन एनपीए बन गए हैं.

    एक ही मोडस ऑपरेंडी का उपयोग कर कई बैंकों से लिए गए लोन
    ईडी ने कहा कि समझा जाता है कि अन्य बैंकों और व्यक्तिगत शेयरधारकों/निवेशकों द्वारा भी और प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं. एजेंसी ने कहा एक ही मोडस ऑपरेंडी का उपयोग कर कई बैंकों से लिया गया कुल लोन लगभग 2,873 करोड़ रुपये है. साथ ही बताया कि एनएसई और सेबी भी केएसबीएल के मामलों की जांच कर रहे हैं.

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