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डॉलर हुआ और मजबूत, दबाव में भारतीय करेंसी, 79.60 के नए रिकॉर्ड Low पर बंद हुआ रुपया

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 16 पैसे गिरकर 79.60 पर बंद हुआ.

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 16 पैसे गिरकर 79.60 पर बंद हुआ.

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 16 पैसे गिरकर 79.60 पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी, FIIs की लगातार जारी बिकवाली और ग्ल ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी, FIIs की लगातार जारी बिकवाली और विकास की चिंताएं कर रही हैं परेशान.
RBI ने बड़ा फैसला लिया है कि अब पार्टनर कंट्री के साथ इंटरनेशनल ट्रेड में रुपये से पेमेंट सेटलमेंट कर सकते हैं.
दुनिया की रुपये में बढ़ती दिलचस्‍पी को देखते हुए नया सिस्‍टम विकसित किया जा रहा है.

नई दिल्ली. डॉलर के मुकाबले रुपया आज फिर गिरा और फिर से एक नया रिकॉर्ड लो बना दिया. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 16 पैसे गिरकर 79.60 पर बंद हुआ. हालांकि आज रुपये की ओपनिंग 7 पैसे कमजोरी के साथ हुई थी, परंतु बाद में इसमें गिरावट बढ़ गई. बाद में निचले स्तरों से हल्की रिकवरी के साथ 79.60 पर क्लोजिंग हुई. दरअसल डॉलर इंडेक्स अक्टूबर 2002 के बाद से अपने उच्चतम स्तर 108 के पार निकल गया है, जिससे भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की करेंसी में उछल-पुथल मचा है.

मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया अपने नए रिकॉर्ड लो पर जाता नजर आया. घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी, FIIs की लगातार जारी बिकवाली और ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ से जुड़ी चिंताएं रुपये पर अपना दबाव बना रही हैं.

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा कदम
इस बीच गिरते रुपए को संभालने के लिए RBI ने एक और कदम उठाया है. अब पार्टनर कंट्री के साथ इंटरनेशनल ट्रेड में रुपए से पेमेंट सेटलमेंट कर सकते हैं. विदेशों में Vostro Accounts के जरिये पेमेंट होगी. समझा जा रहा है कि इससे बाजार में रुपये की कीमत में सुधार होगा.

आरबीआई ने बताया है कि अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार भी रुपये में करने के लिए नया सिस्‍टम बनाया जा रहा है. डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में लगातार आ रही गिरावट और दुनिया की रुपये में बढ़ती दिलचस्‍पी को देखते हुए नया सिस्‍टम विकसित किया जा रहा है. इसके बाद भारत अपने आयात-निर्यात का सेटलमेंट रुपये में कर सकेगा और ग्‍लोबल ट्रेडिंग सिस्‍टम में डॉलर व अमेरिका का दबाव खत्‍म हो जाएगा.

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आरबीआई ने कहा है कि नया सिस्‍टम फॉरेन एक्‍सचेंज मैनेजमेंट एक्‍ट (FEMA) के तहत बनाया जा रहा है. इससे विदेश में होने वाले आयात और निर्यात के सभी सेटलमेंट रुपये में किए जा सकेंगे. रुपये की कीमत संबंधित देश की मुद्रा के ग्‍लोबल फॉरेक्‍स मार्केट में चल रहे भाव के आधार की तय की जाएगी और सौदे का सेटलमेंट भारतीय मुद्रा में ही किया जाएगा.

FIIs लगातार बने हुए हैं बिकवाल
दूसरी तरफ एफआईआई के आंकड़ों पर नजर डालें तो 11 जुलाई को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 170.51 करोड़ रुपए की बिकवाली की. वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 296.99 करोड़ रुपए की बिकवाली की. वहीं, F&O में FIIs 1703.05 करोड़ रुपए के नेट बायर रहे. FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में 524.88 करोड़ रुपए की बिकवाली की. वहीं, इंडेक्स ऑप्शंस में 2714.20 करोड़ रुपए की खरीदारी की. FIIs ने स्टॉक फ्यूचर्स में 560.18 करोड़ रुपए की बिकवाली की. वहीं, स्टॉक ऑप्शंस में 73.91 करोड़ रुपए की खरीदारी की.

Tags: Business news in hindi, Indian currency, Rupee weakness

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