अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, यह है कारण

अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, यह है कारण
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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 1.08 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69.91 रुपये प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया.

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तुर्की के आर्थिक संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका से सोमवार को दुनियाभर में मुद्राओं की स्थिति डांवाडोल रही. भारतीय रुपया भी इससे अछूता नहीं रहा. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 1.08 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69.91 रुपये प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया.

तुर्की मुद्रा लीरा में लगभग आठ प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई. इस दौरान अमेरिकी मुद्रा अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो गई. एक सरकारी बैंक के कोषाध्यक्ष ने कहा, 'रुपये में मुख्य तौर पर जो गिरावट आई है वह तुर्की की मुद्रा लीरा की वजह से आई है.’ उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) की ओर से प्रवाह में कमी और बढ़ती तेल कीमतों से भी रुपया प्रभावित हुआ है.

सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'डॉलर के मुकाबले रुपये के इन स्तरों पर आरबीआई सहज स्थिति में नहीं होगा. उसे हर स्तर पर रुपये का बचाव करते देखा गया.’ उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया जल्द ही 70 रुपये के स्तर तक गिर सकता है.



कारोबार की शुरुआत में आज रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे की तेजी के साथ 68.42 रुपये प्रति डॉलर पर मजबूत खुला. हालांकि, यह जल्द ही घरेलू शेयर बाजार की गिरावट और वैश्विक बाजार की मंदी के रुख के अनुरूप 69.62 रुपये तक नीचे लुढ़क गया.



समझा जाता है कि रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के कारण रुपया अपने आरंभिक भारी नुकसान की स्थिति से उबर गया लेकिन डॉलर की भारी मांग ने कारोबार की समाप्ति पर रुपये को 1.08 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ अब तक के सर्वकालिक निम्न स्तर 69.91 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंचा दिया.
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