डॉलर के मुकाबले 17 महीने के निचले स्थर पर पहुंचा रुपया, भारतीय रुपये के गिरने से आप पर होगा सीधा असर

डॉलर के मुकाबले 17 महीने के निचले स्थर पर पहुंचा रुपया, भारतीय रुपये के गिरने से आप पर होगा सीधा असर
रुपये की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 62 पैसे की कमजोरी के साथ 74.25 के स्तर पर खुला है. आइए जानें रुपये की कमजोरी कैसे आप पर भारी पड़ेगी.

रुपये की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 62 पैसे की कमजोरी के साथ 74.25 के स्तर पर खुला है. आइए जानें रुपये की कमजोरी कैसे आप पर भारी पड़ेगी.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 10:17 AM IST
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नई दिल्ली. रुपये की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 62 पैसे की कमजोरी के साथ 74.25 के स्तर पर खुला है. वहीं, पिछले कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 46 पैसे की मजबूती के साथ 73.63 के स्तर पर बंद हुआ था. करेंसी एक्सपर्ट के अनुसार रुपये की कीमत पूरी तरह इसकी डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करती है. इंपोर्ट और एक्सपोर्ट का भी इस पर असर पड़ता है. हर देश के पास उस विदेशी मुद्रा का भंडार होता है, जिसमें वो लेन-देन करता है. विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा की चाल तय होती है. अमरीकी डॉलर को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है और ज्यादातर देश इंपोर्ट का बिल डॉलर में ही चुकाते हैं.

रुपए में गिरावट आने की वजह तेल के बढ़ते दाम
>> रुपये के लगातार कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के बढ़ते दाम हैं. भारत कच्चे तेल के बड़े इंपोर्टर्स में एक है. भारत ज्यादा तेल इंपोर्ट करता है और इसका बिल भी उसे डॉलर में चुकाना पड़ता है.

>> दूसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में अक्सर जमकर बिकवाली करते हैं. जब ऐसा होता है तो रुपये पर दबाव बनता है और यह डॉलर के मुकाबले टूट जाता है.



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 आइए जानें रुपये की कमजोरी कैसे आप पर भारी पड़ेगी?

 भारतीय निर्यातकों को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से फायदा होता है. उनकी कमाई बढ़ जाती है.




> भारतीय निर्यातकों को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से फायदा होता है. उनकी कमाई बढ़ जाती है.

 विदेश यात्रा पर जाने वालों को भी रुपया कमजोर होने का नुकसान उठाना पड़ता है.




> विदेश यात्रा पर जाने वालों को भी रुपया कमजोर होने का नुकसान उठाना पड़ता है.

 डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का मतलब दूसरे देश से आयात करना महंगा पड़ता है. बाहर से मंगाया जाने वाला सामान ज्यादा कीमत पर मंगावाना पड़ेगा तो नुकसान होगा.




डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का मतलब दूसरे देश से आयात करना महंगा पड़ता है. बाहर से मंगाया जाने वाला सामान ज्यादा कीमत पर मंगावाना पड़ेगा तो नुकसान होगा.

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जानिए पिछले 5 दिनों के रुपये का क्लोजिंग स्तर
- बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 46 पैसे की मजबूती के साथ 73.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.
- सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 39 पैसे की कमजोरी के साथ 74.11 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.
- शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 38 पैसे की कमजोरी के साथ 73.72 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.
- गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की कमजोरी के साथ 73.35 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.
- बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे की मजबूती के साथ 73.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.



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