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Russia-Ukraine War : युद्ध की आग में भड़क रही महंगाई, दुनियाभर में मंदी आने का खतरा?

यूएन फूड एजेंसी (UN Food Agency) का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण निर्यात पर रोक से दुनियाभर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है. खाद्य तेल और डेयरी उत्पादों की कीमतों में तेजी से दुनियाभर में खाद्य उत्पादों (World Food Prices) की महंगाई फरवरी में बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.

यूएन फूड एजेंसी (UN Food Agency) का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण निर्यात पर रोक से दुनियाभर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है. खाद्य तेल और डेयरी उत्पादों की कीमतों में तेजी से दुनियाभर में खाद्य उत्पादों (World Food Prices) की महंगाई फरवरी में बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.

Ban on Export Globally Started : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दुनियाभर के देशों ने निर्यात पर रोक लगाना शुरू कर दिया है. इससे दुनियाभर में न सिर्फ तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है बल्कि मंदी की आशंका भी बढ़ गई है. खाद्य उत्पादों की महंगाई 20.7 फीसदी पर पहुंच गई है.

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नई दिल्ली. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच दुनियाभर के देशों ने निर्यात पर रोक (Ban On Export) लगाना शुरू कर दिया है. इस दौड़ में अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों के साथ लेबनान, नाइजीरिया और हंगरी समेत कई अन्य देश भी शामिल हो गए हैं. केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया ने बताया कि निर्यात पर रोक लगाने की इस दौड़ से दुनियाभर में न सिर्फ तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है बल्कि मंदी की आशंका भी बढ़ गई है.

उधर, यूएन फूड एजेंसी (UN Food Agency) का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण निर्यात पर रोक से दुनियाभर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है. खाद्य तेल और डेयरी उत्पादों की कीमतों में तेजी से दुनियाभर में खाद्य उत्पादों (World Food Prices) की महंगाई फरवरी में बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इस दौरान खाद्य उत्पादों की महंगाई सालाना आधार पर 20.7 फीसदी बढ़ी हैं. फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) का फूड प्राइज इंडेक्स (The Food and Agriculture Organization’s Food Price Index) फरवरी में बढ़कर 140.7 अंक पर पहुंच गया, जो जनवरी में 135.4 अंक रहा था.

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अमेरिका ने लग्जरी उत्पादों पर लगाया बैन
अमेरिका ने रूस और बेलारूस को निर्यात होने वाले लग्जरी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है. यूएस डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स का कहना है कि यूक्रेन पर हमले के बाद रूस ने दुनियाभर में एक बड़े संकट को जन्म दिया है. इससे निपटने के लिए युद्ध रोकना जरूरी है, जिसके लिए रूस पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इसी तरह, यूरोपीय यूनियन ने भी रूस को लग्जरी उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी है.

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रूस ने 200 उत्पादों पर लगाई रोक
अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में रूस ने भी 200 से ज्यादा उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी है. इन उत्पादों में ऊर्जा, टेलीकॉम, मेडिकल, व्हीकल, एग्रीकल्चर, लकड़ी एवं उससे बने सामान और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट शामिल हैं. मॉस्को का कहना है कि अन्य देशों के प्रतिबंधों के जवाब में यह तार्किक कदम उठाया गया है.

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यूक्रेन ने गेहूं समेत कई उत्पादों का निर्यात रोका
यूक्रेन सरकार ने भी गेहूं, ओट्स और अन्य खाद्य उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी है, जो वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं. यूक्रेन सरकार का कहना है कि रूस के तीव्र हमलों के दौरान उसके नागरिकों को खाने-पीने की वस्तुओं की कमी न हो, इसलिए इन उत्पादों के निर्यात पर पाबंदी लगाई जा रही है. इसी सप्ताह पेश नए कृषि नियम के तहत बाजरा, चीनी, जीवित मवेशी, मांस और अन्य उत्पादों का निर्यात भी रोक दिया गया है.

इंडोनेशिया ने पाम तेल पर लगाई रोक
इंडोनेशिया ने भी पाम तेल का निर्यात पर रोक लगा दी है. इससे वैश्विक खाद्य संकट और बढ़ गया है. इंडोनेशिया के ट्रेड मिनिस्टर मोहम्मद लुफ्ती का कहना है कि हमारे देश के नागरिकों को आसानी से किफायती दर पर तेल उपलब्ध हो, इसलिए पाम तेल के निर्यात पर रोक लगाई गई है.

हंगरी और नाइजीरिया भी रेस में शामिल
बढ़ी कीमतों के बीच हंगरी ने भी अनाज निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. हंगरी के कृषि मंत्री इस्तवान नैगी ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. प्रमुख जर्मन एग्रीकल्चर ट्रेड ग्रुप बेवा एजी ने हंगरी के इस फैसले की आलोचना की. उधर, नाइजीरिया ने भी विदेशियों को किसानों से सीधे कृषि उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

Tags: America, Crude oil prices, Edible oil, Export, Inflation, Russia ukraine war

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