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रूस-यूक्रेन युद्ध से भारत को बड़ा मौका, रूस में बढ़ी इन भारतीय उत्पादों की मांग

भारत रूस के साथ अपने कारोबारी रिश्‍तों में अब और आगे बढ़ने जा रहा है.

भारत रूस के साथ अपने कारोबारी रिश्‍तों में अब और आगे बढ़ने जा रहा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध: अप्रैल 2020 से मार्च 2021 में भारत और रूस के बीच कुल 8.1 बिलयन डॉलर का व्यापार हुआ जिसमें भारत से रूस को निर्यात 2.6 बिलियन डॉलर का था वहीं रूस से आयात 5.48 बिलियन डॉलर का था. हालांकि वर्तमान अवसर से भारत से रूस को निर्यात का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है.

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    नई दिल्‍ली. रूस एवं यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध (Russia-Ukraine War) और विश्व के अनेक देशों द्वारा रूस पर कई प्रतिबंध लगाए जाने के कारण अब रूस में भारतीय सामान की मांग तेजी से बढ़ी है. ऐसे में भारत के लिए अपने उत्पादों का रूस में बाजार बनाने का यह बड़ा अवसर है. जानकारी मिली है कि अब तक रूस को बढ़ी मात्रा में सामान अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपियन देशों द्वारा भेजा जा रहा था लेकिन रूस पर प्रतिबंधों के चलते अब कोई भी देश रूस को सामान नहीं भेज रहा है. ऐसे हालात में कन्फेडरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) से रूस के अनेक व्यापारिक संस्थानों ने भारतीय सामान के लिए संपर्क किया है वहीं भारत के व्यापारी भी रूस को भारतीय उत्पादों का निर्यात करने के लिए बेहद इच्छुक हैं.

    कैट (Cait) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि रूस में भारतीय उत्पादों की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है और पहले चरण में फ्रूट जैम एवं जैली, कॉर्नफ़्लेक्स, मूसली, चाय, कॉफ़ी पाउडर, चीनी, नमक और काली मिर्च के पाउच, मिल्क पाउडर, फल, सब्जी, चीज़, पास्ता का सामान, मक्खन, फ्रूट ड्रिंक, सूप का सामान, मसाले, शहद, बिस्किट्स, अचार, फ्रोज़न स्नैक्स, खाद्यान, केचअप, ओट, रेडीमेड खाना, ब्रेड, चावल, बीन्स, कॉर्नफ्लोर पाउडर, सूप स्टिक्स, आलू के चिप्स आदि के सामान की विभिन्न पैकिंग में तत्‍काल आवश्यकता है.

    अप्रैल 2020 से मार्च 2021 में भारत और रूस के बीच कुल 8.1 बिलयन डॉलर का व्यापार हुआ जिसमें भारत से रूस को निर्यात 2.6 बिलियन डॉलर का था वहीं रूस से आयात 5.48 बिलियन डॉलर का था. हालांकि वर्तमान अवसर से भारत से रूस को निर्यात का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है. भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार रूस ने अपने कुछ गिने चुने बैंकों को रूस में आयात होने वाले सामान के भुगतान के लिए विशेष रूप से अधिकृत किया है और सभी सामान का भुगतान डॉलर के स्थान पर रूस की करेंसी रूबल से किया जाएगा. यह भारतीय उत्पादों के लिए रूस के बाजार में अपनी पैठ जमाने का सबसे बढ़िया मौका है. कैट इस मामले में भारतीय निर्माताओं और व्यापारियों व रूस के व्यापारियों के बीच एक सेतु का काम करेगा.

    दोनों व्यापारी नेताओं ने बताया कि जानकारी है कि रूस और भारत ने स्विफ्ट जैसे एक पेमेंट प्लेटफार्म पर अपना कार्यक्रम पूरा कर लिया है. यह नया पेमेंट सिस्टम रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और रूस के वीईबी जो रूस का डेवलपमेंट कर्पोरशन है के मुख्यालय पर स्थापित होगा. यह नया पेमेंट सिस्टम अगले एक हफ्ते-दस दिनों में शुरू होने की संभावना है जिससे आयात- निर्यात के दस्तावेजों का रुपये और रूबल का निस्तारण हो सकेगा.

    भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि इस विषय पर कैट ने देश के सभी राज्यों के चैप्टर को रूस से प्राप्त इस पहली सूची पर काम करने का आग्रह किया है ताकि से ज्यादा से ज्यादा भारतीय निर्माता और व्यापारी इसका लाभ उठाकर बढ़ी मात्रा में रूस को अपने उत्पाद निर्यात कर सकें. उन्होंने यह भी बताया की कैट ने रूस के अपने संपर्कों से यह भी कहा है कि भारत के अन्य उत्पाद जैसे फुटवियर, खिलौने, रेडीमेड गारमेंट्स, कपड़े, अन्य खाद्यान्न, बिल्डर हार्डवेयर, कागज एवं स्टेशनरी, कंप्यूटर एवं कंप्यूटर का सामान, चश्मे, साइकिल एवं साइकिल पार्ट्स, ऑटो पार्ट्स, जैसे अन्य उत्पादों की मांग के बारे में जानकारी मांगी है.

    Tags: Confederation of All India Traders, Import-Export, Russia ukraine war

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