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सरकार की 'सबका विश्वास' स्कीम: आप भी उठा सकते हैं इसका फायदा, जानिए इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें

News18Hindi
Updated: November 29, 2019, 12:15 PM IST
सरकार की 'सबका विश्वास' स्कीम: आप भी उठा सकते हैं इसका फायदा, जानिए इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें
ये स्कीम टैक्स विवाद की हर दिक्कतों का समाधान है. स्कीम में पुराना बकाया डिस्क्लोजर का मौका देता है.

सबका विश्वास' स्कीम (Sabka Vishwas Scheme) टैक्स विवाद (Tax Issue) की हर दिक्कतों का समाधान है. स्कीम में पुराना बकाया डिस्क्लोजर का मौका देता है. इस स्कीम को अलग-अलग 2 थ्रेसहोल्ड में बांटा गया है. 50 लाख तक के स्लैब में 70 फीसदी तक टैक्स छूट है जबकि 50 लाख तक स्लैब में सिर्फ 30% टैक्स लगेगा.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 12:15 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) ने टैक्स से जुड़े (Income Tax Case) सभी मामलों को जल्द निपटाने के लिए खास स्कीम 'सबका विश्वास' (Sabka Vishwas Scheme) शुरू की है. इस तहत अगर टैक्सपेयर ये डिस्क्लोज (Tax Disclosure) करता है कि आपके ऊपर एक्साइज और सर्विस टैक्स (Service Tax) का बकाया है और आप उसे चुकाना चाहते है तो सरकार उसको टैक्स में 70 फीसदी (Rebate in tax) तक की छूट देती है. साथ ही, सरकार उसके बाद टैक्सपेयर्स ना कोई ब्याज वसूलती है. ना ही कोई जूर्माना वसूलती है. आपको बता दें कि सबका विश्वास स्कीम साल 2013 की स्कीम से अलग स्कीम है. सबका विश्वास के जरिए पुराने मामले खत्म करने हैं. ऐसे में आम टैक्सपेयर्स पर कोई छापा नहीं पड़ेगा.

आइए जानें सबका विश्वास स्कीम के बारे में सबकुछ...


(1) सवाल-क्या है सबका विश्वास स्कीम?

जवाब-CGST & Central Excise की चीफ कमीश्नर संगीता शर्मा बताती है कि ये स्कीम नहीं, बल्कि टैक्सपेयर के पास बड़ा मौका आया है. ये स्कीम टैक्स विवाद की हर दिक्कतों का समाधान है. स्कीम में पुराना बकाया डिस्क्लोजर का मौका देता है. इस स्कीम को अलग-अलग 2 थ्रेसहोल्ड में बांटा गया है. 50 लाख तक के स्लैब में 70 फीसदी तक टैक्स छूट है जबकि 50 लाख तक स्लैब में सिर्फ 30% टैक्स लगेगा.

(2) सवाल- सबका विश्वास स्कीम से जुड़ी प्रक्रिया क्या है?
जवाब- संगीता शर्मा का कहना है कि स्कीम में टैक्स अधिकारी से इंटरफेस नहीं है. cbic-gst.gov.in वेबसाइट पर पूरी प्रक्रिया है.इस स्कीम के तहत टैक्सपेयर को वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा. भरते वक्त फॉर्म ऑटोमैटिक गाइड करेगा. अंत में खुद लायबिलिटी कैटेगरी तय होगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग इसकी जांच करेगा.
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>> दोनों कैटेगरी के लिए 2 अलग-अलग कमिटी बनाई गई है. कैटेगरी के मुताबिक लायबिलिटी की जांच होगी. फाइल से ऑनलाइन डिस्क्लोजर का मिलान होगा. ज्यादा लायबिलिटी पर पर्सनल सुनवाई की व्यवस्था की गई है.



(3) सवाल- कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स मामलों में क्या होगा?
जवाब-
इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स के लिए भी रास्ते खुले है. उन टैक्सपेयर को मामला वापस लेने के लिए अंडरटेकिंग देनी होगी. कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स को अंडरटेकिंग के साथ स्कीम का फायदा मिलेगा.उन्होंने बताया कि टैक्सपेयर को आगे मुकदमा नहीं करने की अंडरटेकिंग देनी होगी.

(4) सवाल- जिन केस में टैक्स विभाग कोर्ट में गया है, वहां क्या होगा?
जवाब- इस सवाल पर उनका कहना है कि टैक्स विभाग के कोर्ट में गए मामलों में दिक्कत है. विभाग को मामलों में पीछे हटने की छूट नहीं है. इन मामलों में Amnesty स्कीम हो सकती है, पर छूट नहीं है.

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(5) सवाल- किन-किन टैक्स कैटेगरी में छूट मिलेगी?
जवाब- इस सवाल पर इनका कहना है कि इस स्कीम में एक्साइज, सर्विस टैक्स के साथ सेस भी शामिल है. जिन पर छूट नहीं वो डिक्लेयर किया गया है. टोबैको आइटम छूट में शामिल नहीं होंगी. Prosecution के किसी भी Proceeding पर छूट नहीं है. गलत रिफंड पर नोटिस होने पर छूट नहीं होगी. साथ ही सेटलमेंट कमीशन से सेटल मामले में छूट नहीं मिलेगी. फॉर्म-1 भरते वक्त सभी जानकारी मिलेगी.

(6) सवाल- क्या सबका विश्वास स्कीम को आगे बढ़ाया जाएगा?
जवाब- 
उन्होंने आगे कहा कि स्कीम को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है. पुराने मुद्दों को निपटाने का अभी सही मौका है. हमें पुराने मुद्दे निपटाकर GST की तरफ बढ़ना होगा.

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First published: November 29, 2019, 10:29 AM IST
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