आपके सैलरी अकाउंट पर बैंक देता है ये फायदा, फ्री में मिलती हैं कई सर्विसेज

आइए जानते हैं सैलरी अकाउंट के बारे में

आइए जानते हैं सैलरी अकाउंट के बारे में

नौकरीपेशा लोगों को कंपनियां एक स्पेशल बैंक अकाउंट देती हैं जिसको सैलरी अकाउंट कहा जाता है. यह अकाउंट रेगुलर बैंक अकाउंट से अलग होता है क्योंकि इस अकाउंट के कई फायदे हैं.

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नई दिल्ली. नौकरीपेशा लोगों को कंपनियां एक स्पेशल बैंक अकाउंट देती हैं जिसको सैलरी अकाउंट कहा जाता है. यह अकाउंट रेगुलर बैंक अकाउंट से अलग होता है क्योंकि इस अकाउंट के कई फायदे हैं. लेकिन इन फायदों के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं. क्योंकि सैलरी अकाउंट पर मिलने वाले फायदों को अक्सर बैंक भी नहीं बताते हैं. आपको बता दें कि SBI सैलरी अकाउंट पर कॉरपोरेट, हॉस्पिटल, होटल आदि के कर्मचारियों को कई तरह के फायदे मिलते हैं.

सैलरी अकाउंट खुल जाने के बाद आपको अकाउंट नंबर दिया जाएगा. कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से एंप्लॉयर द्वारा सैलरी खाते में डाल दी जाएगी. कर्मचारी अपना सैलरी अकाउंट देश की किसी भी ब्रांच में खोल सकते हैं.

SBI सैलरी अकाउंट के फायदे

>> जीरो बैलेंस अकाउंट
>> फ्री अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन किसी भी बैंक के एटीएम से

>> फ्री एटीएम कम डेबिट कार्ड

>> जॉइंट अकाउंट होल्डर के लिए एटीएम कार्ड



>> फ्री मल्टीसिटी चेक

>> लॉकर चार्ज पर 25 फीसदी की छूट

>> फ्री ड्राफ्ट, एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन NEFT/RTGS

>> 2 महीने की सैलरी पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा

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आइए जानते हैं क्या हैं सैलरी खाते के फायदे...

1. बैंक देता है डेडिकेटेड वेल्थ मैनेजर - अगर आपके पास बहुत सारा पैसा है तो आप वेल्थ सैलरी अकाउंट भी खोल सकते हैं. इसके तहत बैंक आपको डेडिकेटेड वेल्थ मैनेजर देता है. यह मैनेजर आपके बैंक से जुड़े तमाम काम देखता है.

2. फ्री इंटरनेट ट्रांजेक्शन- कुछ बैंक पेरोल अकाउंट्स को क्रेडिट कार्ड देने, फ्री इंटरनेट ट्रांजेक्शन, ओवरड्राफ्ट, सस्ते लोन, चेक, पे ऑर्डर व डिमांड ड्राफ्ट की फ्री रेमिटेंस (विदेश से आने वाला पैसा) जैसी सुविधाएं भी देते हैं.

3. सेविंग अकाउंट में बदलता है सैलरी अकाउंट- अगर आपके बैंक को पता चले कि कुछ समय से आपके अकाउंट में सैलरी नहीं आ रही है तो आपको मिली तमाम सुविधाएं वापस ले ली जाती हैं और आपके बैंक अकाउंट को नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट की तरह ही जारी रखा जाता है.

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4. आसानी से ट्रांसफर होता है अकाउंट- एक बैंक से दूसरे बैंक में अकाउंट बदलने के लिए भी सैलेरी अकाउंट के मामले में बैंक इसका प्रोसेस आसान रखते हैं. बेशक वे इसमें कुछ शर्तें जरूर रखते हैं.कैसे खुलता है खाता सैलरी अकाउंट खोलने के लिए आप किसी कॉरपोरेट, सरकारी विभाग या पीएसयू में कार्यरत होने चाहिए और आपकी कंपनी के उस बैंक से सैलेरी अकाउंट रिलेशनशिप होनी चाहिए. इसके साथ ही ग्राहक का उसी बैंक में कोई और खाता नहीं होना चाहिए.

5. क्या मिलती हैं अन्य सुविधाएं- बैंक आपको पर्सनलाइज्ड चेक बुक देता है, जिसके हर चेक पर आपका नाम छपा होता है. आप बिल भुगतान की सुविधा ले सकते हैं, नहीं तो फोन या इंटरनेट के जरिए पेमेंट्स कर सकते हैं. सेफ डिपॉजिट लॉकर, स्वीप-इन, सुपर सेवर फैसिलिटी, फ्री पेबल-एट-पार चेकबुक, मुफ्त इंस्टाअलर्ट्स, फ्री पासबुक और फ्री ईमेल स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं भी बैंक देते हैं.
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