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New Labour Code में बदलाव की तैयारी में मोदी सरकार, घट जाएगी कर्मचारियों की टेक होम सैलरी, कंपनियों की बढ़ी चिंता

New Labour Code में बदलाव की तैयारी में मोदी सरकार, घट जाएगी कर्मचारियों की टेक होम सैलरी, कंपनियों की बढ़ी चिंता

केंद्र सरकार नए लेबर कोड में कुछ बदलाव करने की तैयारी कर ही है.

केंद्र सरकार नए लेबर कोड में कुछ बदलाव करने की तैयारी कर ही है.

New Labour Code : नए लेबर कोड में वेजेज बढ़ने से कर्मचारी और नियोक्‍ता को प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) में ज्यादा योगदान करना होगा. इसका असर ग्रेच्युटी (Gratuity) की रकम पर भी पड़ेगा. कर्मचारियों की टेक होम सैलरी (Take Home Salary) घट जाएगी.

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नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) नए लेबर कोड (New Labour Code) में बदलाव की तैयारी कर रही है. इसके लागू होते ही वेजेज में अलाउंसेंज की हिस्सेदारी कम (Allowances Cut) हो जाएगी. इसके तहत पहले साल अलाउंसेज के लिए वेजेज सीमा (Wages Limit) 75-80 फीसदी होगी, जिसे तीन साल में घटाकर 50 फीसदी तक किया जा सकता है.

प्रस्तावित नए लेबर कोड में कर्मचारियों की छंटनी (Layoffs) या कारोबार बंद करने के लिए 300 कर्मियों की सीमा तय की गई है. लेबर यूनियन के विरोध के बाद इसे 100 करने पर विचार चल रहा है. इंडस्ट्रीयल रिलेशंस कोड (Industrial Relations Code) के तहत कर्मचारियों की छंटनी या कारोबार बंद करने के लिए 100 तक कर्मियों वाली कंपनियों के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी.

ये अलाउंसेज होंगे शामिल
इंडस्ट्री ने अलाउंसेज के लिए 50 फीसदी सीमा का विरोध किया है. उसका तर्क है कि इससे कर्मचारियों की लागत बढ़ जाएगी. नए लेबर कोड में वेजेज में सैलरी और अलाउंसेज शामिल होंगे. इसमें बेसिक पे (Basic Salary), महंगाई भत्‍ता (Dearness Allowances – DA) और रिटेनिंग अलाउंसेज भी शामिल होंगे. हाउस रेंट अलाउंसेज (HRA) और ओवरटाइम अलाउंसेज (Overtime Allowances) शामिल नहीं होंगे.

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अलाउंसेज शामिल नहीं हुए तो…
नए लेबर कोड में कहा गया है कि वेजेज में शामिल नहीं किए गए अलाउंसेज के 50 फीसदी या तय सीमा से ज्यादा होने पर अतरिक्ति रकम को रिम्यूनरेशन माना जाएगा. इस क्लॉज के तहत उसे वेजेज में शामिल कर लिया जाएगा. ऐसे में वेजेज बढ़ने से इप्लाई और इंप्लायर को प्रोविडेंट फंड में ज्यादा योगदान करना होगा. इसका असर ग्रेच्युटी की रकम (Gratuity) पर भी पड़ेगा. इसका सबसे ज्यादा असर कर्मचारी की टेक होम सैलरी (Take home salary) पर पड़ेगा, जो घट जाएगी. हालांकि, रिटायरमेंट के लिए बचत में कुल योगदान बढ़ जाएगा.

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कंपनियों का दावा…बढ़ेगा अनावश्यक दबाव
प्रस्तावित नए लेबर कोड ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है. उनका कहना है कि अर्थव्यवस्था महामारी से उबर रही. कारोबारी गतिविधियां सुधर रही हैं. ऐसे में नए कोड में बदलाव से उन पर गैर-जरूरी दबाव बढ़ जाएगा. वेजेज पर लेबर कोड को 2019 में संसद ने पारित किया था. इंडस्ट्रीयल रिलेशंस कोड को पिछले साल सितंबर में मंजूरी मिली.

Tags: Business news in hindi, Employees salary, Ministry of Labour and Employment

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