वेतन बढ़ने के बाद भी टेक होम सैलरी में इजाफा होना मुश्किल, जानिए क्या है वजह

जहां बेसिक पे कुल वेतन का लगभग 25 फीसदी है, ऐसी कंपनियों में नए लेबर कोड के लागू होने का प्रभाव ज्यादा हो सकता है.

जहां बेसिक पे कुल वेतन का लगभग 25 फीसदी है, ऐसी कंपनियों में नए लेबर कोड के लागू होने का प्रभाव ज्यादा हो सकता है.

नए वित्त वर्ष में अधिकांश कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी हाइक (salary hike) करती हैं. इस बार भी सैलरी हाइक होगी लेकिन नए लेबर कोड की वजह टेक होम सैलरी बढ़ने की संभावना कम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 7:02 PM IST
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नई दिल्ली. अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में अधिकांश कंपनियां अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट(Increment ) देकर सैलरी हाइक (salary hike) करती हैं. आप भी अप्रैल से बढ़े हुए वेतन की आस लगाए होंगे, लेकिन केंद्र सरकार (Central government) के नए नियम से टेक होम सैलरी (Take Home Salary) पर असर पड़ सकता है.

केंद्र सरकार के नए आने वाले लेबर कोड में आपकी सीटीसी (CTC) यानी कॉस्ट टू कंपनी नए सिरे से तय होनी है. इसके तहत कंपनियों को सीटीसी में बेसिक वेतन कम से कम 50 प्रतिशत करना होगा. इसका असर यह होगा कि आपका पीएफ अंशदान (PF contribution) भी बढ़ जाएगा. मतलब कि कंपनियां आपकों इंक्रीमेंट देंगी तो वह पीएफ अंशदान में एडजस्ट हो सकता है. यानी कि सैलरी हाइक के बाद भी कैश इन हैंड (Cash In Hand) या टेक होम सैलरी में बढ़ोतरी नहीं होगा. या होगी भी तो कम.

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नए कानून से ऐसे प्रभावित होगी सैलरी

एऑन के भारत में परफॉरमेंस और रिवॉर्ड बिजनेस के भागीदार और सीईओ नितिन सेठी ने कहा कि नए लेबर कोड के तहत वेतन की प्रस्तावित परिभाषा के चलते कंपनियों को ग्रैच्युटी, छुटृटी के बदले पैसा और प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) के लिए ऊंचा प्रावधान करने की जरूरत होगी. कोड के वित्तीय प्रभाव के आकलन के बाद कंपनियां साल की दूसरी छमाही में अपने वेतन बजट की समीक्षा करेंगी.

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सीटीसी पर निर्भर करेगी टेक होम सैलरी

सेठी का कहना है कि कोड का प्रभाव मामूली भी हो सकता है क्योंकि भारत में ज्यादातर बड़ी कंपनियां सीटीसी का 35-40 फीसदी बेसिक पे के तौर पर देती हैं. पुरानी वर्ल्ड इंजीनियरिंग कंपनियां जहां बेसिक पे कुल वेतन का लगभग 25 फीसदी है, ऐसी कंपनियों में नई लेबर कोड के लागू होने का प्रभाव ज्यादा हो सकता है.

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पिछले साल से ज्यादा कंपनियां करेंगी वेतन वृद्धि : सर्वे

वैश्विक पेशेवर सेवा कंपनी एऑन पीएलसी ने मंगलवार को भारत में वेतनवृद्धि पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि भारतीय कंपनियां वेतन में करीब 7.7 फीसदी की वृद्धि करने वाली हैं. यह ब्रिक (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) देशों में सबसे अधिक है. पिछले साल कर्मचारियों के वेतन में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. सर्वे में शामिल कंपनियों में से 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि उनका 2021 में अपने कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि का इरादा है. 2020 में ऐसा कहने वाली कंपनियों की संख्या 75 प्रतिशत थी. सर्वे में 20 उद्योग क्षेत्रों की 1,200 से अधिक कंपनियों की राय को शामिल किया गया. सर्वे के अनुसार वेतनवृद्धि से मजबूत सुधार का संकेत मिलता है. साथ ही इसमें कहा गया है कि वेज कोड पासा पलटने वाला साबित होगा.
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